रायपुर, 10 दिसंबर:

छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी कल्पना वर्मा एक विवादित मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन और उनकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि डीएसपी वर्मा ने उन्हें कथित रूप से “लव-ट्रैप” में फंसाया और बाद में पैसे, गहने और महंगी वस्तुएँ हासिल कीं। वहीं कल्पना वर्मा ने इन दावों को पूरी तरह बे‌बुनियाद बताया है। मामले की जांच शुरू हो गई है।

पुलिस से हुई डीएसपी की शिकायत

व्यवसायी दीपक टंडन ने पुलिस में दी गई शिकायत में कहा है कि वर्ष 2021 में दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे व्यक्तिगत निकटता बढ़ी। इस दौरान डीएसपी वर्मा ने उन पर भरोसा जीतकर कथित रूप से लगभग ₹2 करोड़ रुपये, महंगी हीरे की अंगूठी, चेन, और एक इनोवा कार समेत कई कीमती सामान हासिल किए। शिकायत में यह भी आरोप है कि टंडन के एक होटल की रजिस्ट्री वर्मा के भाई के नाम पर करवाई गई, और बाद में होटल को अपने परिजनों के नाम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। कारोबारी का कहना है कि जब उन्होंने पैसे और सामान वापस मांगना शुरू किया तो उन्हें “फर्जी केस में फँसाने” और “ब्लैकमेलिंग” की कथित धमकियाँ दी गईं। टंडन दंपती ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक शोषण नहीं बल्कि “व्यक्तिगत संबंधों का दुरुपयोग” है।

डीएसपी कल्पना वर्मा की प्रतिक्रिया

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएसपी कल्पना वर्मा ने स्पष्ट कहा यह पूरा मामला निराधार और मनगढ़ंत है। मेरे खिलाफ चलाया जा रहा यह प्रोपेगेंडा सत्य से दूर है। वर्मा ने जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए कहा कि उन पर लगाये गए आरोप “प्रतिशोध या किसी व्यक्तिगत विवाद” का परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामला सार्वजनिक होने पर उनकी व्यक्तिगत छवि और परिवार को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।

 

पुलिस ने की जांच शुरू

शिकायत के बाद पुलिस विभाग द्वारा औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले की निगरानी अपने स्तर पर शुरू की है। शिकायत में प्राप्त डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और उपहार से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच अधिकारी ने कहा है कि “मामला संवेदनशील है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्य की गहन पड़ताल आवश्यक है।”