हरदोई में दर्दनाक हादसा, कंटेनर ने परिवार को कुचला
हरदोई जिले| में उन्नाव-कटरा मार्ग पर कोतवाली क्षेत्र के ककरा के पास कार को ओवरटेक करने में बाइक सामने से आ रहे कंटेनर से जा भिड़ी। कंटेनर से कुचलकर बाइक सवार दंपती की बेटी समेत मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक कंटेनर छोड़कर मौके से भाग निकला।घटना के बाद लगभग 20 मिनट तक आवागमन बाधित रहने के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई। कोतवाली क्षेत्र के ईसेपुर निवासी मोनू (30) खेती करते थे। भाई अनिल ने बताया कि मोनू और उनकी पत्नी नीलम (28) को पिछले दो दिन से बुखार आ रहा था। बृहस्पतिवार शाम लगभग पौने चार बजे मोनू अपनी पत्नी नीलम और बेटी लक्ष्मी (10) के साथ बाइक से दवा लेने जाने की बात कहकर घर से निकले थे।
मौके पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया
शाम लगभग चार बजे उन्नाव कटरा मार्ग पर ककरा के पास वह कार काे ओवरटेक कर रहे थे। इस दौरान सांडी की ओर से आ रहे कंटेनर से बाइक टकरा गई। कंटेनर की चपेट में आकर बाइक सवार दंपती और उनकी बेटी कुचल गई। मौके पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। जानकारी पर पहुंची पुलिस को नीलम के पर्स से आधार कार्ड मिला।
चालक की तलाश जारी
इसके जरिये ग्राम प्रधान के माध्यम से परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। घटना का पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाल वीरेंद्र पंकज ने बताया कि कंटेनर पुलिस के कब्जे में है। चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों से शिकायत लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
गूंज रही थीं चौपाइयां, बज रहे थे घंटे
ईसेपुर में रामऔतार ने नए मंदिर का निर्माण कराया था। इस मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम बृहस्पतिवार को था। गांव के ज्यादातर लोग इस आयोजन में शामिल थे। मोनू की मां रामवती व अन्य परिजन भी मंदिर गए हुए थे।
फिर मच गई चीख-पुकार
यहां घंटे घड़ियाल के बीच रामचरितमानस की चौपाइयां गूंज रही थीं। इस बीच हादसे और इसमें दंपती समेत तीन की मौत की खबर आ गई। यहीं मौजूद रामवती बदहवास हो गईं तो फिर मौके पर चीख-पुकार मच गई। हर कोई मृतकों के घर और फिर घटनास्थल का रुख करने लगा।
और अब जिंदगी भर रखना होगा बच्चों का ख्याल
मोनू के दो बेटियां और एक बेटा है। सबसे बड़ी बेटी लक्ष्मी उनके साथ गई थी। उससे छोटी रुमझुम (8) और बेटा स्वागत (5) घर पर ही थे। मोनू अपने बड़े भाई अनिल की पत्नी शीला से दवा लेने जाने की बात कहकर आए थे। साथ ही कहा था कि जब तक वह लोग न आएं तब तक बच्चों का ख्याल रखें। हर कोई कह रहा था कि मोनू और नीलम अब जिंदगी भर वही लोग बच्चों का ख्याल रखेंगे।

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