गिरफ्तारी की आशंका के बीच मामला चर्चा में आया
विजयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2021 के श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बड़ा झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. इससे उनकी गिरफ्तारी की आशंका काफी बढ़ गई है और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सख्त रुख
कोर्ट नंबर 13 में हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों की पीठ ने स्पष्ट कहा कि मामले में अग्रिम जमानत देने के लिए कोई ठोस कानूनी आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है. इसके साथ ही तोमर द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को भी निरस्त कर दिया गया।
बाढ़ राहत घोटाले से जुड़ा है मामला
मामला श्योपुर जिले में वर्ष 2021 की भीषण बाढ़ के बाद राहत राशि वितरण में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है. जांच में सामने आया कि बड़ौदा तहसील में 794 प्रभावितों का आकलन किया गया था, लेकिन राहत वितरण के दौरान 127 फर्जी खातों में राशि ट्रांसफर की गई।
2 करोड़ रुपये के गबन के आरोप
आरोप है कि लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने के बजाय अन्य खातों में भेज दी गई. इस पूरे प्रकरण में बड़ौदा थाना पुलिस ने तहसीलदार अमिता सिंह तोमर सहित 28 पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
कार्रवाई में भेदभाव के आरोप
हालांकि कार्रवाई को लेकर भेदभाव के आरोप भी उठ रहे हैं. कुछ पटवारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य के खिलाफ अब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं. गौरतलब है कि अमिता सिंह तोमर वर्ष 2011 में लोकप्रिय टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में भाग लेकर 50 लाख रुपये जीतने के कारण पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं।
अब आगे की कार्रवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे घोटाले की जांच और तेज हो सकती है।

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