इन इंजीनियरिंग कोर्स की मांग बरकरार
इस साल या अगले साल कौन सा इंजीनियरिंग कोर्स डिमांड में रहेगा, इसके लिए आप किसी काउंसलर से भी सलाह ले सकते हैं। कालेज में एडमिशन लेते समय अपनी रुचि का भी ध्यान रखें। किसी भी कोर्स में दाखिला लेने से पहले उसका सिलेबस चेक करके उसे विस्तार से समझ सकते हैं। जानिए टॉप 5 बीटेक कोर्स, जो कई सालों तक डिमांड में रहेंगे और उनमें सैलरी भी बढ़िया मिलेगी:
1 कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
आईटी के इस दौर में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग कोर्स सबसे लोकप्रिय और मांग वाला कोर्स है। इसके सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे टॉपिक्स शामिल हैं। भारत में टेक इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और इसीलिए सीएसई ग्रेजुएट्स की डिमांड भी बढ़ रही है।
करियर विकल्प: सॉफ्टवेयर डेवलपर, डेटा साइंटिस्ट, साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ, एआईएलएल इंजीनियर.
औसत वेतन: फ्रेशर्स के लिए 4-10 लाख रुपये प्रति वर्ष, अनुभव के साथ 20 लाख रुपये तक.
2 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ईसीई
इंटरनेट ऑफ थिंग्स और वायरलेस टेक्नोलॉजी की बढ़ती मांग के कारण यह कोर्स भविष्य के लिए अच्छा है। यह इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, कम्युनिकेशन नेटवर्क और एम्बेडेड सिस्टम पर फोकस्ड है.
करियर विकल्प: टेलीकॉम इंजीनियर, नेटवर्क इंजीनियर, एम्बेडेड सिस्टम डिजाइनर।
औसत वेतन: फ्रेशर्स के लिए 3-8 लाख रुपये प्रति वर्ष.
3 मैकेनिकल इंजीनियरिंग एमई
यह बीटेक की एवरग्रीन ब्रांच है, जो ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में अवसर प्रदान करती है। ऑटोमेशन और 3D प्रिंटिंग जैसी नई टेक्नीक्स ने इसकी डिमांड बढ़ा दी है।
करियर विकल्प: मैकेनिकल डिजाइन इंजीनियर, प्रोडक्शन इंजीनियर, ऑटोमोटिव इंजीनियर.
औसत वेतन: फ्रेशर्स के लिए 3-6 लाख रुपये प्रति वर्ष, अनुभव के साथ 10 लाख रुपये तक.
4- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रिक वाहन (इवी) और ऑटोमेशन में प्रोग्रेस के चलते इस बीटेक कोर्स की डिमांड बढ़ रही है। यह बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम पर केंद्रित है।
करियर विकल्प: पावर सिस्टम इंजीनियर, ऑटोमेशन इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल डिजाइन इंजीनियर।
औसत वेतन: फ्रेशर्स के लिए 4-7 लाख रुपये प्रति वर्ष.
5 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (एआईएलएल )
एआई और एमएल उभरते हुए क्षेत्र हैं, जो हेल्थकेयर, फाइनेंस और ऑटोमोटिव जैसी इंडस्ट्रीज में क्रांति ला रहे हैं. यह एक स्पेशलाइज्ड कोर्स है। कई संस्थानों में यह सीएसई के तहत या अलग से उपलब्ध है.
करियर विकल्प: एआई इंजीनियर, एमएल इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट.
औसत वेतन: फ्रेशर्स के लिए 5-12 लाख रुपये प्रति वर्ष, उच्च मांग के कारण अधिक भी हो सकता है.

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