संजय निरुपम की कांग्रेस को चेतावनी, कर्नाटक सियासी हलचल पर दिया बयान
बेंगलुरु: कर्नाटक की सियासत में इस समय भारी हलचल देखी जा रही है और राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को केंद्र की राजनीति में कोई बड़ी भूमिका सौंपने का भरोसा देते हुए उनसे सीएम पद छोड़ने को कहा है। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में चल रही इस उठापटक को लेकर एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। निरुपम ने कांग्रेस को सचेत करते हुए कहा कि बिल्कुल अंतिम समय पर इस तरह के बदलाव करने से पार्टी को कोई राजनीतिक फायदा नहीं होने वाला है।
मुख्यमंत्री बदलने से कुछ नहीं बदलेगा, पंजाब की तरह पिटेगी भद्द: संजय निरुपम
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश, दोनों ही राज्यों से कांग्रेस की सत्ता जाने वाली है। निरुपम ने लिखा कि ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी, बल्कि कांग्रेस का हश्र भी बिल्कुल वैसा ही होगा जैसा पंजाब चुनाव के दौरान हुआ था, जहां पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
पंजाब के पुराने घटनाक्रम का दिया हवाला, नए बदलाव को बताया 'कर्नाटक का नाटक'
कांग्रेस के पुराने दौर को याद करते हुए संजय निरुपम ने कहा कि पंजाब में भी पार्टी ने चुनाव से ठीक पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को पद से हटाकर एक बेहद विवादित और कथित रूप से भ्रष्ट नेता को कमान सौंप दी थी, जो बाद में खुद अपनी दोनों विधानसभा सीटें हार गया था। कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे की खबरों और चल रही सियासी रस्साकशी को निरुपम ने 'कर्नाटक का नया नाटक' करार दिया है।
राज्यपाल से मिलने का मांगा समय, डीके शिवकुमार के राजतिलक की तैयारी तेज
कर्नाटक में अगले दो दिनों के भीतर सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट इसलिए भी पुख्ता मानी जा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात करने का विशेष समय मांगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धारमैया गुरुवार को राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप सकते हैं। उनके हटने के बाद मौजूदा उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता साफ होने की प्रबल संभावना है।
राहुल गांधी और खरगे की मैराथन बैठक के बाद बनी सहमति
इस पूरे घटनाक्रम की स्क्रिप्ट दिल्ली में लिखी गई है, जहाँ कांग्रेस आलाकमान राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ कई दौर की मैराथन बैठकें कीं। दोनों शीर्ष नेताओं से अलग-अलग और संयुक्त रूप से घंटों तक बातचीत की गई, जिसके बाद ही सरकार और संगठन में संतुलन बनाने के लिए इस फॉर्मूले पर अंतिम सहमति बनने का दावा किया जा रहा है।

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