मथुरा में पुलिस एनकाउंटर, बावरिया गिरोह के दो बदमाश ढेर
मथुरा: टैंटीगांव डकैती कांड के दो कुख्यात डकैत ढेर, पुलिस मुठभेड़ में बावरिया गिरोह के बदमाशों का अंत
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में पिछले महीने हुई सनसनीखेज डकैती के दो मुख्य आरोपी बृहस्पतिवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। जवाबी कार्रवाई में घायल होने के बाद बदमाशों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाशों की शिनाख्त राजस्थान के भरतपुर निवासी धर्मवीर उर्फ लंबू और अलवर निवासी राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है, जो कुख्यात बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य थे।
30 लाख की डकैती से दहला था टैंटीगांव
बता दें कि बीती 23 अप्रैल की रात नकाबपोश बदमाशों ने टैंटीगांव के प्रमुख व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर धावा बोला था। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 30 लाख रुपये की नकदी और भारी मात्रा में जेवरात लूट लिए थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें इन अपराधियों की तलाश में जुटी थीं।
मुठभेड़ और जवाबी कार्रवाई
एसएसपी (SSP) के अनुसार, मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह वांछित अपराधियों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मुठभेड़ में पुलिस के दो जवान भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
संगीन अपराधों का लंबा इतिहास
मारे गए दोनों डकैतों का रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है:
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धर्मवीर उर्फ लंबू: इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न थानों में डकैती, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 16 से अधिक मामले दर्ज थे।
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राजेंद्र उर्फ पप्पू: यह भी लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और इसके विरुद्ध राजस्थान व यूपी में डकैती व लूट के 11 संगीन मुकदमे दर्ज थे।

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