आबूरोड: सिरोही-पालनपुर फोरलेन पर बीती रात अज्ञात बदमाशों ने राहगीरों को निशाना बनाने की कोशिश की। शहर के गैल पंप स्टेशन और वीर बावजी मंदिर के पास घात लगाकर बैठे अपराधियों ने एक के बाद एक दो कारों पर पत्थरों और सरियों से हमला कर उन्हें लूटने का प्रयास किया। हालांकि, वाहन चालकों की तत्परता के कारण बदमाश वारदात को अंजाम देने में नाकाम रहे।

सिरोही से गुजरात जा रहे थे पर्यटक

जानकारी के मुताबिक, दोनों कारें सिरोही की दिशा से आ रही थीं और गुजरात की ओर जा रही थीं। जैसे ही वाहन वीर बावजी मंदिर के समीप पहुंचे, झाड़ियों में छिपे बदमाशों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।

  • खतरनाक हमला: पहली कार रफ्तार तेज होने के कारण निकल गई, लेकिन दूसरी कार के बोनट में बदमाशों द्वारा फेंका गया एक लोहे का सरिया जा घुसा।
  • चालक का धैर्य: सरिया लगने के बावजूद चालक ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और कार को रुकने नहीं दिया। वह वाहन को कुछ दूरी पर स्थित आबादी क्षेत्र में ले गया, जिससे बदमाशों के मंसूबे फेल हो गए।

भौगोलिक स्थिति का फायदा उठा रहे बदमाश

फोरलेन का यह हिस्सा अपराधियों के लिए मुफीद चारागाह बना हुआ है। सड़क के एक तरफ ऊँची पहाड़ी है और दूसरी ओर गहरा नाला व घनी झाड़ियाँ हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ आसानी से छिप जाते हैं और वाहनों को निशाना बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं।

पुलिस की सक्रियता पर उठ रहे सवाल

घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर टीम ने मौके का मुआयना किया। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि:

  • पुरानी समस्या: इस क्षेत्र में पथराव और लूट के प्रयास की यह पहली घटना नहीं है, पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
  • उदासीनता: पुलिस किसी वारदात के बाद एक-दो दिन तो गश्त बढ़ाती है, लेकिन उसके बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
  • सुरक्षा का अभाव: फोरलेन पर समुचित लाइट और नियमित गश्त न होने से रात के समय सफर करना जोखिम भरा हो गया है।

नहीं दर्ज हुआ मामला

गनीमत रही कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुँचा है। फिलहाल इस मामले में पीड़ितों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।