शिवहर। जिले के तरियानी थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब मुंबई में चाकू के हमले में मारे गए युवक का शव गांव पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर बैद्यनाथपुर गांव में दाखिल हुआ, परिजनों का संचित दर्द एक पल में गुस्से की आग में तब्दील हो गया। शोक में डूबे परिवार के साथ ग्रामीण भी सड़क पर उतर आए और खाजेपुर पुल के पास शव को सड़क पर रखकर शिवहर-मुजफ्फरपुर स्टेट हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया। अचानक हुए इस जाम से सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दरअसल, यह मामला तीन दिन पुराना है। बैद्यनाथपुर गांव के तीन सगे भाई धीरज ठाकुर, नीरज ठाकुर और सूरज ठाकुर मुंबई में रोजी-रोटी कमाने गए थे। तभी अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से उन तीनों पर हमला कर दिया। इस हमले में बड़े भाई धीरज ठाकुर की मौके पर ही जान चली गई, जबकि नीरज और सूरज गंभीर रूप से घायल हो गए और अभी उनका इलाज जारी है। तीन भाइयों पर हुए इस कायराना हमले की खबर ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया था। गुरुवार को जैसे ही धीरज का शव घर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। 

फूट-फूटकर रोए पिता

मृतक के पिता अवधेश ठाकुर फूट-फूटकर रोते हुए आरोप लगाया कि खाजेपुर निवासी मुकेश नामक व्यक्ति ने पुरानी दुश्मनी के चलते पैसे देकर उनके बेटे की हत्या करवाई है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके बेटे को इंसाफ मिले। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों की धरपकड़ नहीं होती, तब तक सड़क नहीं खुलेगी। तरियानी थाना अध्यक्ष विनय प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि हत्या मुंबई में हुई है इसलिए कानूनी कार्रवाई वहां की पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने और जाम खुलवाने के प्रयास लगातार जारी हैं।