लोकसभा सीटों में 50% वृद्धि से उत्तरी राज्यों को बढ़त, दक्षिण भारत को संभावित नुकसान
नई दिल्ली। लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में 50 फीसदी तक की वृद्धि करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस कदम को अन्यायपूर्ण और दक्षिण भारत के हितों के खिलाफ बताया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर दावा किया है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण को लागू करने की पृष्ठभूमि में लोकसभा का आकार बढ़ाने के लिए एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।
मीडियचा रिपोर्ट के मुताबिक जयराम रमेश ने कहा कि प्रस्ताव के तहत लोकसभा की कुल सीटों में 50फीसदी की वृद्धि की जाएगी, जिसका सीधा असर हर राज्य को आवंटित सीटों पर पड़ेगा। कांग्रेस का तर्क है कि इससे उत्तरी राज्यों को तो भारी फायदा होगा, लेकिन दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर के छोटे राज्यों का संख्याबल कमजोर हो जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि अनुपात फिलहाल नहीं बदल सकता है लेकिन इसके गहरे निहितार्थ हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
रमेश ने कहा कि लोकसभा में कई राज्यों के मौजूदा संख्याबल के अंतर में किसी भी तरह की वृद्धि से दक्षिण भारतीय राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 80 सीट हैं और तमिलनाडु में 39 सीट हैं। प्रस्तावित विधेयक के साथ यूपी की लोकसभा सीट की संख्या बढ़कर 120 हो जाएगी जबकि तमिलनाडु में अधिकतम 59 सीट हो पाएंगी। इसी तरह केरल में लोकसभा की 20 सीट बढ़कर 30 हो जाएंगी, जबकि बिहार में 40 से बढ़कर 60 सीट हो जाएंगी। कुल मिलाकर दक्षिणी राज्यों को 66 सीट का फायदा होगा जबकि उत्तरी राज्यों को 200 सीट का फायदा होगा। रमेश ने दावा किया कि पीएम मोदी एकतरफा कानून तैयार कर रहे हैं जिससे दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिम के छोटे राज्यों को नुकसान होगा।

क्या सीता के रोल के लिए Sai Pallavi हैं परफेक्ट? Ranbir Kapoor का जवाब
65 वेंटिलेटर बंद, मरीजों की जान पर बन आई
वाराणसी में बनेंगी 3 नई टाउनशिप, 1700 करोड़ का प्लान
यूपी में मौसम बदलेगा, बारिश-ओलों के आसार