घर में गंगाजल रखने से बरसती है कृपा, बस इन गलतियों को न करें नजरअंदाज
सनातन धर्म में मां गंगा को देवियों में सर्वोच्च स्थान दिया गया है, इसलिए गंगाजल को घर में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि गंगा का पावन जल मोक्ष प्रदान करने वाला होता है और पूजा-पाठ, शुद्धिकरण, अभिषेक और सभी धार्मिक अनुष्ठानों में इसका विशेष महत्व है. बिना गंगाजल के कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है लेकिन अक्सर लोग श्रद्धा से तो गंगाजल घर में रखते हैं, पर इसके नियमों का पालन न करने के कारण अनजाने में इसे अपवित्र भी कर देते हैं. ऐसे में न केवल इसका शुभ प्रभाव कम हो जाता है बल्कि नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं. मध्य प्रदेश के उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि गंगाजल को घर में रखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
1. अंधेरे या गंदे स्थान पर न रखें
गंगाजल अत्यंत पवित्र माना जाता है, इसलिए इसे ऐसे कोने या जगह पर कभी न रखें, जहां अंधेरा हो या गंदगी फैली हो. प्रकाश और स्वच्छता दोनों इसका दिव्य प्रभाव बनाए रखने के लिए जरूरी हैं.
2. तामसिक सेवन के बाद न छुएं
जिस दिन आप मांस, मदिरा या किसी भी तामसिक पदार्थ का सेवन करते हैं, उस दिन गंगाजल को छूने से बचें. जिस कमरे में इन चीजों का सेवन होता हो, वहां गंगाजल रखना भी गृहदोष का कारण बनता है.
3. घर के मंदिर का ईशान कोण सबसे उचित स्थान
गंगाजल रखने के लिए घर के मंदिर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) सर्वोत्तम मानी गई है. ऐसा करने से नकारात्मकता दूर रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास बढ़ता है. प्रतिदिन श्रद्धा से गंगाजल के पात्र की पूजा करना भी शुभ माना जाता है.
4. प्लास्टिक की बोतल में गंगाजल रखना भूल
आजकल गंगाजल प्लास्टिक की बोतलों में रख दिया जाता है जबकि शास्त्रों में प्लास्टिक को अशुद्ध माना गया है, इसलिए गंगाजल को हमेशा तांबे, पीतल, मिट्टी या चांदी के पात्र में ही रखना चाहिए. ये धातुएं शुद्ध और धार्मिक दृष्टि से उत्तम मानी जाती हैं.

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