UPSC से दिशा-निर्देश न मिलने पर विभाग उलझन में, 10 नवंबर की बैठक अधर में
रांची। राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) से भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) संवर्ग में प्रोन्नति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में 10 नवंबर को प्रस्तावित बैठक के लिए आयोग की ओर से कोई दिशा-निर्देश अब तक जारी नहीं किया जा सका है।
राज्य सरकार के अनुरोध पर यूपीएससी ने तिथि तो दे दिया, लेकिन दिशा-निर्देश नहीं दिया कि उक्त बैठक में कौन-कौन शामिल हो सकते हैं और कौन नहीं। पूर्व में 13 अगस्त को भी बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन डीजीपी के रूप में अनुराग गुप्ता के शामिल होने पर यूपीएससी ने बैठक से इंकार कर दिया था। इसका मुख्य कारण है कि यूपीएससी अनुराग गुप्ता को राज्य का डीजीपी मानता ही नहीं।
एक बार फिर नई तिथि तो मिली है, लेकिन उस बैठक में क्या होगा, इसे लेकर विभाग पसोपेयर में है। प्रोन्नति समिति की इस बैठक में संबंधित राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव व डीजीपी शामिल होते हैं। झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के डीजीपी के पद पर अवधि विस्तार को केंद्र ने नियम विरुद्ध बताया है।
केंद्र के अनुसार, अनुराग गुप्ता 30 अप्रैल को 60 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं। केंद्र के अनुसार राज्य सरकार ने जिस नियमावली के आधार पर उनका डीजीपी के पद पर अवधि विस्तार दिया है, वह आधार नियम विरुद्ध है।
यही वजह है कि यूपीएससी ने भी अनुराग गुप्ता को डीजीपी मानने से इंकार करते हुए राज्य सरकार से कहा था कि वे वैध डीजीपी को बैठक में शामिल कराएं, तब ही बैठक हो सकेगी।
गौरतलब है कि प्रोन्नति से भरे जाने वाले आइपीएस के नौ रिक्त पदों के लिए राज्य सरकार ने 17 सीनियर डीएसपी के नामों की अनुशंसा यूपीएससी से की थी। बैठक नहीं होने से मामला लंबित पड़ा हुआ है। अब सबकी नजरें 10 नवंबर पर टिकी है।

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