रिपोर्ट — खबरकोश इंडिया

 

कश्मीर की वादियों में क्रिकेट के नाम पर शुरू हुआ चमक-दमक से भरा टूर्नामेंट Indian Heaven Premier League (IHPL) अब विवादों में घिर गया है। श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में चल रही इस टी20 लीग के आयोजक कथित रूप से खिलाड़ियों, अंपायरों और स्थानीय स्टाफ को छोड़कर रातों-रात फरार हो गए।

 

 क्या था IHPL का उद्देश्य

“युवा सोसाइटी मोहाली” (Yuva Society, Mohali) नामक संस्था ने इस लीग का आयोजन कराया था। दावा किया गया कि इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में खेल और पर्यटन को जोड़ना तथा स्थानीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच देना था। टूर्नामेंट में 8 टीमें बनाई गईं और इसमें कैरेबियाई दिग्गज क्रिस गेल, श्रीलंका के थिसारा परेरा, और न्यूजीलैंड के जेसी राइडर जैसे खिलाड़ी शामिल थे। शुरुआत में आयोजन को काफी प्रशंसा मिली और इसे “कश्मीर में नया क्रिकेट युग” कहा गया।

 

कुछ मैच बाद ही हुआ विवाद

कुछ मैचों के बाद लीग का माहौल बिगड़ गया। होटल प्रबंधन, अंपायरों और खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि आयोजकों ने होटल और ट्रैवल के कई लाख रुपये के बिल नहीं चुकाए। खिलाड़ियों और अंपायरों को कोई भुगतान नहीं किया और 31 अक्टूबर की रात अचानक श्रीनगर से गायब हो गए। होटल प्रबंधन ने बताया कि 100 से ज़्यादा कमरों का बिल बकाया है, जबकि आयोजक “अचानक संपर्क से बाहर” हो गए।

 

खिलाड़ियों और अंपायरों की प्रतिक्रिया

 

एक इंग्लिश अंपायर ने मीडिया को बताया No one’s been paid — not players, not umpires, not even the locals who made this event possible. क्रिस गेल समेत कई विदेशी खिलाड़ी होटल में ही फंसे रहे, क्योंकि आयोजकों की ओर से न तो ट्रैवल की व्यवस्था की गई थी और न ही किसी ने भुगतान की जिम्मेदारी ली।

 

स्थानीय प्रशासन की सफाई

जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने कहा कि उन्होंने केवल स्टेडियम उपलब्ध कराया था, आयोजन या भुगतान की कोई जिम्मेदारी उनकी नहीं थी। फिलहाल पुलिस को शिकायतें मिल चुकी हैं और जांच की तैयारी चल रही है।

 

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

कई स्थानीय वेंडर, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर और होटल स्टाफ जिन्होंने अग्रिम में अपनी सेवाएं दी थीं, अब बकाया भुगतानों की वजह से नुकसान झेल रहे हैं। श्रीनगर में होटल और कारोबारियों ने इसे “विश्वसनीयता पर चोट” बताया है।

 

 एक चमकदार शुरुआत का दुखद अंत

IHPL को “भारत का अगला बड़ा क्रिकेट फेस्टिवल” कहा जा रहा था, लेकिन खराब प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता की कमी ने इसे विवादों में डाल दिया। जिन विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी से लीग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती थी, अब वही खिलाड़ी फंसे और ठगे महसूस कर रहे हैं।

 

आगे अब यह तैयारी

स्थानीय पुलिस ने आयोजकों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं होटल और खिलाड़ियों ने भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है। हालांकि BCCI ने इस लीग से खुद को असंबद्ध बताया है।