रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश का पहला प्रयोग विफल, तकनीकी दिक्कतें आईं सामने
जयपुर : जयपुर के रामगढ़ बांध इलाके में आज सरकार और प्राइवेट कंपनी के सहयोग से ड्रोन से कृत्रिम बारिश करवाने का प्रयोग चल रहा है। इसमें पहला प्रयास विफल हो गया है। यहां ड्रोन के जरिए कृत्रिम बारिश होती देखने के लिए भारी भीड़ आ गई, जिससे मोबाइल नेटवर्क बिजी हो गया। इसके चलते ड्रोन का जीपीएस सिस्टम ने भी ठीक से काम नहीं किया और प्रयोग के दौरान ड्रोन जमीन पर ही रुक गया। इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजनी पड़ीं।
कृत्रिम वर्षा करवाने का प्रयोग कर रही कंपनी एक्सेल-1 के चीफ क्लाइमेट इंजीनियर डॉ. एन साई रेड्डी ने बताया कि आज ड्रोन को 400 फीट तक उड़ाया जाएगा लेकिन बादलों की रेंज काफी ऊपर बताई जा रही है। इसके चलते प्रयोग में परेशानी हो रही है। इधर ड्रोन उड़ाने से पहले रामगढ़ बांध में वैज्ञानिकों ने विधिवत पूजा-अर्चना और हवन कार्यक्रम करके कृत्रिम बारिश के सफल होने की कामना की।
अमेरिका और बेंगलुरु की कंपनी करेगी प्रयोग
अमेरिका और बेंगलुरु की कंपनी जैनेक्स एआई कृषि विभाग के साथ मिलकर यह प्रयोग करेगी। इस प्रयोग के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों से मंजूरी मिल चुकी है। कृषि विभाग, मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने जुलाई में ही मंजूरी दे दी थी। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन से भी अनुमति प्राप्त हो चुकी है। वैज्ञानिकों की टीम कई दिनों से जयपुर में है। वे लगातार ड्रोन से कृत्रिम बारिश का परीक्षण कर रहे हैं। अब तक देश में प्लेन से क्लाउड सीडिंग की जाती रही है। ड्रोन से छोटे इलाके के सीमित दायरे में होने वाला यह पहला प्रयोग है।

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