आरएसएस प्रमुख ने भारत की लोकतांत्रिक शक्ति पर जताया गर्व
सीकर : सीकर के ऐतिहासिक रैवासा धाम में मंगलवार को आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद का संगम देखने को मिला। नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत यहां पहुंचे, जहां उन्होंने संत राघवाचार्यजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण और वेद विद्यालय का लोकार्पण किया।
मंच से भागवत ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को दृढ़ स्वर में रखते हुए कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदुओं की प्रगति और राष्ट्र की उन्नति है। उन्होंने रैवासा धाम के वातावरण, साधना और संत परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थल भारत की आध्यात्मिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है।
लोकतंत्र पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि आजादी के समय कुछ लोग कहते थे कि भारत में लोकतंत्र नहीं टिकेगा, लेकिन आज हम दुनिया में लोकतंत्र के मामले में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, जब-जब दुनिया को जरूरत पड़ी है, भारत ने आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद के हालात देखकर कोई यह नहीं कह सकता था कि भारत इस तरह उभरेगा लेकिन आज भारत बड़ी ताकतों के बीच भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
इस मौके पर कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे, जिनमें राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, विधायक गोरधन वर्मा, विधायक सुभाष मील और कथावाचक आचार्य इंद्रेश उपाध्याय शामिल थे। आयोजन में आगे बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के भी शामिल होने की संभावना है।

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