दमोह. एक युवक को अपने अपहरण (Abduction) का नाटक करना भारी पड़ गया. विकल्प जैन नाम के इस युवक ने अपने अपहरण का फर्जी वीडियो बनाकर वायरल (viral video) किया था. पुलिस ने मामले की जांच के बाद इसे झूठा पाया तो विकल्प को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया. घटना इसी साल 27 मार्च की है. विकल्प जैन ठेकेदारी का काम करता है. घटना के दिन विकल्प घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था लेकिन जब शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने विकल्प के मोबाइल पर फोन लगाकर बात करने की कोशिश की. उसका मोबाइल फोन (Mobile Phone) बंद मिला. इससे परिजन परेशान हो गए. उन्होंने नोहटा थाने जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी. उसके बाद पुलिस विकल्प को ढूंढने की तैयारी कर रही थी.

टिक-टॉक पर वायरल वीडियो में हाथ-पैर बंधे थे और आंखों पर पट्टी थी

उसके पहले ही गुमशुदा विकल्प जैन का उसकी ही टिक-टॉक आईडी से एक वीडियो वायरल हुआ. उस वीडियो में विकल्प जैन के हाथ-पैर बंधे थे एवं आंखों पर पट्टी थी. वह किसी मंदिर के पास पड़ा हुआ था और अपने आप को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था. यह देखने के बाद नोहटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार ने नोहटा से सटे हुए हथनी के जंगल में उसकी तलाश शुरू की. विकल्प जैन के मोबाइल फोन की लास्ट लोकेशन उसी इलाके की मिली थी. रात भर जंगल में खाक छानने के बाद सुबह विकल्प की लोकेशन जबलपुर में ट्रेस की गई. दूसरे दिन 28 मार्च को विकल्प को पुलिस ने जबलपुर से ढूंढ लिया. लेकिन इस मामले अपहरण जैसी कोई बात पुलिस को नजर नहीं आई.
नोहटा के थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने दी जानकारीइसके बाद पुलिस ने मामले की जांच फिर से शुरू की तो पता चला कि विकल्प ने नाबालिग से प्रेम प्रसंग के कारण उसे परेशान करने के लिए ये साजिश रची थी. इसके बाद आरोपी विकल्प जैन, अनुज सोनी और रत्नेश ठाकुर के खिलाफ 354 एवं 11(4) पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. अपने षडयंत्र का भंडाफोड़ होते देख सभी आरोपी फरार हो गए. उसके बाद से ही आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही थी. इस षडयंत्र के मुख्य आरोपी विकल्प जैन को नोहटा पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को जिला दमोह कोर्ट में पेश किया. जिसमें कोर्ट ने आरोपी विकल्प जैन को देर शाम जेल भेज दिया.