आजकल वजन घटाने सुपर फूड्स को बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस कारण यह पसंद किये जाने लगे हैं।
कई सुपर फूड्स ने धीरेधीरे किचन में जगह बना ली है। जाहिर सी बात है कि किचन के जरिए ये हमारे पेट में भी पहुंच रहे हैं। क्विनोआ के अलावा, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, वॉटरमेलन सीड्स, चगा मशरूम, नट ऑयल, मका, ल्यूकूमा, हेम्प सीड्स आदि। हममें से कुछ लोग इन सुपर फूड्स से परिचित हैं तो कुछ को इनके बारे में कुछ भी पता नहीं। फ्लैक्स सीड्स दादी-नानी के जमाने के अलसी के बीज हैं, जिन्हें अपने यहां के कुछ राज्यों में तिसी भी कहा जाता है। कुछ आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं तो कुछ विटामिन और प्रोटीन के। इस आधे बीत चुके साल में इंटरनेट फ्रेंडली हो चुकी जनता अपने खानपान की आदतों को लेकर भी एडवेंचरस है।
चिया के बीज भी पॉपुलर सुपर फूड्स की श्रेणी में शामिल हैं। वैसे तो ये स्वाद रहित होते हैं लेकिन जब इन्हें सही ढंग से पकाया जाता है तो ये आसानी से पच जाते हैं। एनर्जी बूस्टिंग पाउडर के तौर पर ये कमाल के हैं। हालिया शोध तो चिया के बीजों को टाइप 2 डायबिटीज खत्म करने के लिए कारगर मानते हैं। चिया मेक्सिको से आते हैं, जिसका अर्थ ताकत से है। चिया को रनर्स फूड भी कहा जाता है क्योंकि लंबी दौड़ में चिया का इस्तेमाल ऊर्जा स्रोत के तौर पर किया जाता है। कहा जाता है कि केवल एक चम्मच चिया उन्हें 24 घंटे तक ऊर्जावान बनाए रखने में कारगर है। एंटीऑक्सिडेंट, एंटी सन्फ्लेमेट्री, एंटी कैंसर गुण होने के कारण चिया के सेवन का प्रचलन अपने देश में भी बढ़ता जा रहा है। यह एक कंम्प्लीट प्रोटीन भी है क्योंकि इसमें नौ जरूरी अमिनो एसिड हैं। स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए आवश्यक 20 फीसद सॉल्युबल फाइबर और 80 फीसद इनसॉल्युबल फाइबर भी इसमें हैं। यह ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखता है, क्रेविंग को कम करता है और लंबे समय तक आपके पेट को भरा महसूस कराता है।
क्विनोआ पोषण का दोगुना पंच देता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यह ग्लूटेन मुक्त होने के साथ कंप्लीट प्रोटीन भी है। यह मूलत: एक बीज है, जिसे अनाज के तौर पर खाया जाता है। क्विनोआ तीन तरह के होते हैं- सफेद, लाल और काला। इसे अमूमन ऑर्गेनिक तौर पर ही उगाया जाता है। इसमें फ्लेवेनॉयड्स होता है, जो एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है। अन्य अनाजों की तुलना में क्विनोआ में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। क्विनोआ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स करीब 53 है, जो काफी कम है। शोध यह भी बताते हैं कि क्विनोआ मेटाबोलिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में लाभदायक है। वजन कम करने की कोशिश में लगे लोगों के लिए क्विनोआ फायदेमंद है क्योंकि वजन कम करने के लिए हमें कम कैलोरी का सेवन करना चाहिए।
अलसी के बीज सालों से हमारे आस-पास ही हैं और एग्जॉटिक नहीं है, इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि यह हमारे संतुलित आहार के लिए पर्याप्त नहीं। सच तो यह है कि अलसी के बीज कमाल के होते हैं! यह न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के स्तर को कम करता है बल्कि इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स का बड़ा भाग होता है। इसे लिग्नैन्स कहा जाता है, जिसमें कैंसर से लडऩे के गुण मौजूद हैं। साथ ही यह हार्मोन्स को भी संतुलित करने में मददगार हैं। यह सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जिसका अर्थ है कि यह रोजाना की ऊर्जा और वजन कम करने में लाभदायक हैं। अलसी  के बीजों की खासियत यह है कि ये किसी भी डिश में आसानी से घुल-मिल जाते हैं। चाहें तो इन्हें ओटमील पर छिड़क लीजिए या ग्रैनोला में या दही पर या अपने स्मूदी में मिला लीजिए।