अजमेर. राजस्‍थान के अजमेर पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) संख्या दो के न्यायाधीश राजेश चंद गुप्ता ने आज (मंगलवार) एक अहम फैसला सुनाते हुए पिता को अपनी ही बेटी के साथ दुष्कर्म करने का दोषी ठहराते हुए दस साल कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

ये है पूरा मामला

मामला 27 सितंबर 2014 का है. रामगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता ने अपने सौतेले पिता विजय माथुर के खिलाफ शिकायत में आरोप लगाया था कि पिता उसके साथ दुष्कर्म करता है और अश्लील वीडियो क्लिप सोशल मीडिया (Social Media) में वायरल करने की धमकी देते हुए चुप रहने को कहता है. पीड़ित की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया.


लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली सजा

कोर्ट में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए पिता को सजा सुनाई. पॉक्सो कोर्ट संख्या दो के विशिष्ट लोक अभियोजित विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की और से अदालत में 21 गवाह और 20 दस्तावेज पेश किए गए, जिससे सहमत होते हुए न्यायाधीश राजेश चंद गुप्ता ने फैसला सुनाया और आरोपी पिता विजय माथुर को 10 साल कठोर कारावास और 50 हज़ार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है.

पिता की मदद से पीड़िता को मिला दम

इस मामले में पीड़िता के सगे पिता की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही. मुकदमा दर्ज होने के बाद जब इसकी जानकारी सगे पिता को लगी तो उसने भी केस के सिलसिले में अपनी बेटी की पूरी मदद करते हुए सौतेले पिता को सलाखों के पीछे डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.