जयपुर। उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीति से उपर उठकर उत्तरप्रदेश में सडक़ों पर पैदल चल रहे मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसें मुहैया कराई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मदद से खुद को छोटा समझा और संकीर्ण सोच का परिचय देकर कोरोना महामारी के दौर में राजनीति की।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय आए पायलट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसी की मदद लेने से कोई छोटा नहीं बन जाता। मानवता के भाव में आकर कांग्रेस ने अपना काम किया। केन्द्र सरकार ने कागजात को लेकर छूट दी थी, फिर भी कागजात का रोड़ा अटकाकर नुक्ताचीनी की गई। किसी की मदद लेना छोटी सोच का परिचायक नहीं होता है, लेकिन यूपी सरकार ने महामारी के दौर में संकीर्ण सोच का परिचय दिया है। बसों की व्यवस्था राजस्थान सरकार ने नहीं की थी, जो राजनीति की गई। यह व्यवस्था कांग्रेस पार्टी की थी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में मनरेगा के कामों पर बाहर से आ रहे प्रवासियों व मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए जॉब कार्ड बनाने के नियमों का सरलीकरण किया गया है। इसी का परिणाम है कि राज्य में श्रमिक नियोजन 36 लाख हो गया है, जो पिछले दस वर्षों में सर्वाधिक है। कोरोना महामारी के कारण वर्तमान परिस्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध करवाकर आर्थिक सम्बल प्रदान करने में मनरेगा मददगार साबित हुई है। अभी इन कामों पर 36 लाख लोग 37 हजार कामों में जुटे हैं। मनरेगा में 1900 करोड़ के कामों पर बाहर से आने वाले प्रवासियों व मजदूरों को काम देने का तय किया गया है। इसके लिए कलक्टर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों को हिदायत दी जा चुकी हैं।

राजस्थान के विभिन्न जिलों में टिड्डी दल के हमले पर पायलट ने कहा कि टिड्डी दल के हमलों से बर्बाद हो रही किसानों की फसलें बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने केन्द्र को पत्र लिखा है। हमें उम्मीद है कि केन्द्र सरकार जल्द ही टिड्डी दल के हमलों से निपटने के लिए राज्य को संसाधन मुहैया करवाएगी।