रायपुर.  छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में किसानों (Framers) की धान खरीदी (Paddy Purchase) की सीमा तय करने के बाद लगातार विरोध झेल रही सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. दो किश्त में धान खरीदी के फैसले से सरकार ने अब यू-टर्न ले लिया है. धान खरीदी को लेकर हर दिन बदलते नियम कायदों ने किसानों को परेशान कर दिया था. पहले सरकार ने एक साथ 15 क्विंटल धान खरीदने की बात सरकार की ओर से कही गयी थी, लेकिन अचानक दो किश्त में टोकन जारी करने का फैसला लिया गया. इस फैसले को लेकर सरकार की दलील थी कि बहुत सारा धान एक साथ सोसाइटी में आ जाएगा तो व्यवस्था करना कठिन होगा. इसलिए नियमित रूप से धान आता भी रहे, धान खरीदी भी सही ढंग से हो, तौलाई और ट्रांसपोर्टिंग सही हो,  इसके लिए ये व्यवस्था की गई है. लेकिन अपने इस फैसले को सरकार किसानों को समझाने में नाकामयाब रही. उपर से लगातार प्रदेश भर से विरोध के सूर उठ रहे थे.

बीजेपी का विरोध

धान खरीदी पर सूबे में हो रही सियासी का फायदा लेते हुए बीजेपी (BJP) ने भी आंदोलन का ऐलान कर दिया था. अब सरकार ने इस फैसले से यू-टर्न लेकर नियमों को शिथिल कर दिया है. अब इस फैसले का पूरा क्रेडिट बीजेपी लेने में लगी है. बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि पहले ही कांग्रेस सरकार ने एक महीने देरी से धान खरीदी शुरू की. बीजेपी ने किसानों के इस मुद्दे को उठाया इस वजह से सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा.


कांग्रेस का आरोप

सरकार ने किसानों का धान 15 क्विंटल ही लेने का फैसला लिया था लेकिन दो किश्तों में पहली किश्त में 8 क्विंटल और दूसरी किश्त में 7 क्विटंल धान की खरीदी होती. लेकिन सरकार अपने इस फैसले को किसानों को समझाने में असफल रही और यही वजह रही कि किश्तों में धान खरीदी के फैसले से सरकार के बैकफुट में आना पड़ा. इस मसले को लेकर कांग्रेस (Congress) संचार प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि ये नियम केवल कुछ ही जिलों के लिए बनाए गए थे. जबकि बीजेपी इस फैसले को लेकर किसानों के बीच अफवाह फैला रही थी इसलिए सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं.