आजकल शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है जो सेहत के साथ ही सुंदरता के लिए भी खतरा है। वायु प्रदूषण (स्मॉग) से त्वचा को भी काफी नुकसान हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के शीर्ष 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से आधे भारत में हैं। ऐसे में त्वचा को खास ख्याल की जरूरत होती है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण हमारी  त्वचा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है।
दरअसल, हवा में मौजूद धूल हमारी त्वचा की कोशिकाओं मे ऑक्सीजन के स्तर को कम कर देता है। त्वचा में ऑक्सीजन की कमी के कारण समय से पहले ही झुर्रियां पड़ जाती हैं। साथ ही यह धूल में मौजूद फ्री रेडिकल्स त्वचा को पूरी तरह से नष्ट करने के साथ ही कोलेजन को बनने से रोकता है।
प्रदूषण से सिर्फ झुर्रियां ही नहीं बल्कि त्वचा रुखी भी पड़ जाती है। त्वचा पर एलर्जी की वजह से जगह-जगह लाल धब्बे पड़ जाते हैं और कील मुहांसे भी काफी ज्यादा निकलने लगते हैं पर कुछ सावधानी रखकर आप अपनी त्वचाको को खराब होने से बचा सकती हैं।
प्रतिदिन हर 4 घंटे बाद अपने स्किन पर क्लींजर और टोनर लगाएं।
हानिकारक यूवी किरणों से अपनी स्किन को बचाने और तरोताजा रखने के लिए रोजाना सन स्क्रिन जरूर लगाएं।
जीवाणुओं से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों पर हमेशा सेनिटाइजर लगाएं।
अपने चेहरे को बार बार हाथ न लगायें क्योंकि ऐसा करने से आपके हाथों के जीवाणु आपके चेहरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
हवा में मौजूद धूल आपकी त्वचा के रोम छिद्र को बंद कर देती है, जिससे त्वचा सांस नहीं ले पाती। इससे आपकी त्वचा में ब्लैक हेड्स और कील मुहांसे निकल आते हैं। इसलिए सप्ताह में 2 बार स्क्रब का इस्तेमाल जरूर करें, खासकर जिनकी तैलीय त्वचा है।
दिन में तकरीबन 4 लीटर तक पानी पिएं। घर से बाहर निकलते वक्त भी पानी पिएं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई सही बनी रहेगी और वातावरण में मौजूद जहरीली गैसें अगर ब्लड तक पहुंच भी जाएंगी तो कम नुकसान पहुंचाएंगी।
ऐसे जहरीले स्मॉग में बाहर जाना सबकी मजबूरी होती है लेकिन बाहर से आने के बाद अपने चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से जरूर धोएं।
नहाने के बाद हल्के हाथों से तौलिए का इस्तेमाल करें। संभव हो तो नहाने के तुरंत बाद नारियल के तेल से या किसी ऑयली बॉडी लोशन से पूरे शरीर पर मसाज करें।