भारत में क्रिकेट की दीवानगी सबसे ज्यादा है। यहां क्रिकेट मुकाबलों का हमेशा लोगों को इंतजार रहता है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अभी क्रिकेट मुकाबले स्थगित हैं। जिससे क्रिकेट प्रशंसक निराश भी हैं क्योंकि उन्हें अपना पसंदीदा खेल देखने को नहीं मिल रहा है। क्रिकेट की शुरुआत मार्च महीने में ही साल 1877 में हुई। इंग्लैंड में पहली बार कोई टेस्ट मैच खेला गया था, जो 15 मार्च 1877 से शुरू हुआ। यह मुकाबला इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच था। भले ही क्रिकेट का आगाज इंग्लैंड से हुआ पर इसका जुनून भारतीय उपमहाद्वीप के देशों में ज्यादा दिखाई देता है।
15 मार्च, 1877 मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच शुरू हुआ और पहली गेंद फेंकी गई। इस टेस्ट मैच को ऑस्ट्रेलिया ने जीता था। इस टेस्ट मैच की कोई समयसीमा तय नहीं थी और दोनों टीमों को दो-दो पारियां खेलनीं थी, चाहे इसमें कितने भी दिन लगें।
यह मैच तकरीबन चार दिन तक चला। ऑस्ट्रेलिया ने डेव ग्रेगोरी की कप्तानी में खेलते हुए पहली पारी में 245 रन बनाए जिसके बाद इंग्लैंड की पहली पारी 196 रन पर आउट हो गई। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम 104 रन ही बना सकी लेकिन 154 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड टीम 66.1 ओवर में 108 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज टॉम केंडल ने दूसरी पारी में 55 रन देकर 7 विकेट झटके और जीत में अहम भूमिका निभाई। तब एक ओवर में 4 गेंद डालने की अनुमति थी।
शुरुआती 3 दिन के खेल के बाद चौथे दिन यानी रविवार 18 मार्च 1877 को आराम का दिन रखा गया। इसके बाद पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज की। अल्फ्रेड शॉ ने टेस्ट मैच की पहली गेंद फेंकी जो चार्ल्स बैनरमैन ने खेली। बैनरमैन 165 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए वह टेस्ट में शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने। इंग्लैंड के एलन हिल ने पहला टेस्ट विकेट और पहला ही कैच पकड़ा।