ग्वालियर  ।  डेढ़ साल पहले नगर निगम द्वारा विनियमित किए गए 2869 कर्मचारियों को दोबारा से दैनिक वेतन भोगी बनाए जाने से गुस्साए कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। निगम कर्मियों की हड़ताल के कारण सोमवार को शहर की सफाई व्यवस्था तो बिगड ही गई है इसके साथ ही जनमित्र केंद्रों पर जनता से जुड़े काम भी नहीं हो पा रहे हैं विनियमित कर्मचारियों के साथ निगम में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी भी आ गए हैं। उनकी मांग है कि ठेका प्रथा बंद कर निगम उन्हें कलेक्टर रेट पर रखे। निगम के अलग.अलग विभागों में लगभग 2700 कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि सितंबर 2015 में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित किया गया था। इसमें कुल 2888 कर्मचारी शामिल थे। इनमें 19 कर्मचारियों को कोर्ट केस के कारण विनियमित नहीं किया गया था। नियमानुसार दस साल से अधिक समय से काम कर रहे कर्मचारियों को ही विनियमित किया जाना था। इस श्रेणी में 263 कर्मचारी ही आ रहे थे। निगम अफसरों ने तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री माया सिंह से चर्चा के बाद उक्त प्रस्ताव तैयार किया थाए जिसे मेयर.इन.काउंसिल और परिषद ने स्वीकृति दी थी। निगम कर्मियों की हड़ताल के कारण सोमवार को निगम मुख्यालय से लेकर जनमित्र केंद्रों तक लोगों के काम नहीं हो पाएंगे। जन्म.मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर पेंशन आदि के प्रकरण संबंधी काम नहीं होंगे। प्रत्येक विभाग में सहयोगी स्टाफ के रूप में विनियमित कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। ऐसे में अधिकारी ऑफिस जाएंगे जरूर लेकिन फाइलें ढूंढने की परेशानी के कारण काम नहीं कर पाएंगे। इसके चलने निगम ऑफिस में भी अघोषित अवकाश सा ही रहेगा।