रायपुर : गर्भवती महिलाओं की देखभाल और सुरक्षा एक नैतिक जिम्मेदारी मानी जाती है। इसका ध्यान रखते हुए  राज्य सरकार द्वारा क्वारंटाइन सेंटर्स में रह रहीं गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा जांच, परामर्श से लेकर गर्भवती महिलाओं की रूचि के अनुसार पौष्टिक भोजन देने की व्यवस्था की गई है।
    जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न क्वारंटाइन सेंटर्स में रह रहीं 479 गर्भवती महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य सुविधा और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना केे तहत पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इन महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सा टीम को भी तैनात किया गया है। कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के मार्गनिर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा इन गर्भवती श्रमिक महिलाओं में से 147 को विशेष देखभाल के लिए जिला मुख्यालय के चिन्हांकित क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इन सभी महिलाओं का टीकाकरण, हीमोग्लोबिन और कोरोना टेस्ट किया गया है। इसके साथ ही आयरन और कैल्शियम की टेबलेट भी दी गयी है, जिससे इन महिलाओं में पोषक तत्वों की कमी न हो। गर्भवती महिलाओं को उनकी दिनचर्या  नियमित करने और आवश्यक सावधानी बरतने का भी परामर्श दिया जा रहा है। सभी गर्भवती महिलाओं को खुश रहने और पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी जा रही है। व्यक्तिगत साफ-सफाई और खुद की देखभाल पर ध्यान केंद्रित करने संबंधी जानकारी दी जा रही है।
    प्रशासन के कार्याें से प्रेरित होकर समाज सेवी संगठन और जनप्रतिनिधियों ने गर्भवती महिलाओं की सहायता के लिए आगे आकर संवेदनशीलता का परिचय दिया है। लायनेस क्लब की सदस्यों द्वारा जिला मुख्यालय के क्वारंटाइन सेंटर में गर्भवती श्रमिक महिलाओं को बिस्किट, फूटे चने, केला, सेब, फल आदि के पैकेट वितरित किए गए। अकलतरा ब्लाक के प्रवासी श्रमिकों को मनपसंद पौष्टिक नाश्ता व भोजन वहां के सरपंच और सचिव के सहयोग से उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार ग्राम मधुवा सेंटर में गर्भवती एवं शिशु वती स्त्रियों को काजू, किशमिश और छुहारा के साथ अण्डा भी दिया गया है। इसके अलावा अनेक सेंटरों में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की रूचि अनुसार खट्टे खाद्य पदार्थ भी चिकित्सकों की निगरानी में दिए जा रहे हैं।