मुंबई,बीजेपी ने नाराज सहयोगी शिवसेना से वादा किया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच 'सत्ता और पद का बराबर बंटवारा' होगा। हालांकि, दोनों ही नेताओं- देवेंद्र फड़नवीस और उद्धव ठाकरे ने यह नहीं बताया कि 'सत्ता बंटवारे' का क्या मतलब है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' ने बुधवार को संपादकीय में लिखा था कि अगले साल उनकी पार्टी का मुख्यमंत्री शपथ लेगा। उद्धव ने भी बुधवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में 'हरेक चीज बांटी' जाएगी।


शिवसेना को भरोसा है कि 5 वर्ष के कार्यकाल में दोनों पार्टियों के नेता ढाई-ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। शिवसेना के युवा नेता और आदित्य ठाकरे के कजन वरुण सरदेसाई ने कुछ दिन पहले ट्वीट भी किया था। इसके खेमे में पहले से ही उद्धव के बेटे आदित्य के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर बात हो रही है। वह उद्धव ठाकरे के परिवार से चुनाव लड़ने वाले पहले सदस्य हो सकते हैं।

वहीं, बीजेपी नेताओं का दावा है कि मुख्यमंत्री पद के मसले को लेकर कोई मतभेद नहीं है और शिवसेना केवल उप मुख्यमंत्री पद चाहती है। बीजेपी के एक नेता ने बताया, 'सत्ता के बराबर बंटवारे के फॉर्मूले के तहत हमने शिवसेना को 63 से बढ़ाकर 135 सीटें देने का फैसला किया है। अगर हमारी सरकार बनती है तो हम उन्हें उप मुख्यमंत्री का पद भी देंगे। हालांकि, जहां तक मुख्यमंत्री पद की बात है तो इस बारे में कोई समझौता नहीं होगा और वह हमारे पास ही रहेगा।'


नेता ने कहा कि बीजेपी ने हालिया कैबिनेट फेरबदल में शिवसेना को उपमुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की थी, लेकिन उसके अंदर ही डिप्टी सीएम बनने के लिए खींचतान होने लगी थी। इस वजह से उसने उप मुख्यमंत्री पद लेने से मना कर दिया था।