सबरीमाला मंदिर मामले पर शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि पुनर्विचार याचिका पर वह जल्द से जल्द एक बड़ी संवैधानिक पीठ का गठन करेंगे। जो मामले से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। अदालत ने दो महिलाओं- बिंदू अम्मिनी और रेहना फातिमा को अगली सुनवाई तक के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की है।
 मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा, 'सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को जाने की इजाजत वाला आदेश दिया गया है लेकिन यह भी सच है कि मामले को बड़ी पीठ को रेफर किया गया है। हम किसी भी तरह की हिंसा को नहीं चाहते हैं।'