नई दिल्ली. RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर रेपो रेट में कटौती से लेकर टर्म लोन मोरटोरियम 31 अगस्त तक बढ़ाने जैसे कई बड़ी बातों का ऐलान किया है. साथ ही देश के बिगड़ते आर्थिक हालातों पर भी बात की है. तो चलिए जानते हैं उन बड़ी बातों के बारे में..

कोरोना वायरस से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि हर देश की आर्थिक स्थिति खराब है. जिसके सुधारने के लिए लगभग हर देश तेजी से प्रयास कर रहा. कोरोना का असर भारत की जीडीपी पर भी साफ देखने को मिल रहा है. जिसके सरकार लगातार सुधारने की कोशिश कर रही है.

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने जीडीपी को लेकर चिंता जताई और कहा कि वित्त वर्ष 2020–21 में ग्रोथ नेगेटिव टिरिटरी में रह सकती है. उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ा झटका प्राइवेट कन्जंप्शन को लगा है. कन्ज्यूमर ड्यूरेबल्स का प्रॉडक्शन मार्च 2020 में 33% घट गया. वहीं मर्केंडाइज एक्सपोर्ट 30 साल के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है.

आरबीआई गवर्नर ने पीएम मोदी के 20 लाख रुपए के आर्थिक पैकेज की तारीफ की. उन्होंने कहा अभी से देश को संभालना होगा, जिसके लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. जो कि एक सही कदम है.

आरबीआई गवर्नर ने कहा अगर देश के हालातों को संभालना है, तो आयात‑निर्यात पर ध्यान देना होगा. जिसे बूस्ट करने को लेकर भी आरबीआई गवर्नर ने कई बड़े ऐलान किए हैं.

प्रीशिपमेंट और पोस्ट शिपमेंट के लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट के परमिसिबल पीरियड को 1 साल से बढ़ाकर 15 महीने के लिए कर दिया गया. US डॉलर स्वॉप फसिलिटी के लिए EXIM बैंक को 15000 करोड़ रुपये का आवंटन. आरबीआई गवर्नर ने बताया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 अरब डॉलर बढ़ा है.

इसके अलावा, SIDBI को अतिरिक्त फ्लेक्सिबिलिटी का ऐलान किया गया. 90 दिन के टर्म लोन के लिए 90 दिनों य़ानी 3 महीने का और एक्टेंशन दिया गया है. इससे MSME सेक्टर को अडिशनल सपॉर्ट मिलेगा.

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, EXIM Bank को यूएस डॉलर स्वैप के लिए 90 दिनों के लिए 15,000 करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा. आखिर में दास ने कहा ये सारे उपाय भविष्य की उन मुश्किलों से निपटने के लिए हो रहे हैं जिनके बारे में हमें अभी पता नहीं है. हालात अभी बुरे हैं लेकिन हम इससे उबर जाएंगे.