मुंबई,उम्‍मीद के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में कटौती नहीं की है. यह लगातार दूसरी मौद्रिक समीक्षा बैठक है जब आरबीआई ने रेपो रेट को स्थिर रखा है. इससे पहले, दिसंबर में भी केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था. वहीं 2019 के शुरुआती पांच मौद्रिक समीक्षा बैठक में लगातार 5 बार रेपो रेट में कटौती की गई थी. बता दें कि वर्तमान में रेपो रेट 5.15 फीसदी पर स्थिर है.

एचडीएफसी बैंक के अर्थशास्त्रियों द्वारा तैयार एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट घोषणाओं की प्रकृति मुद्रास्फीतिक नहीं है और रिजर्व बैंक जल्दी से जल्दी जून की मौद्रिक समीक्षा में पॉलिसी दरों में कटौती कर सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि मौद्रिक नीति समिति 6 फरवरी की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रख सकती है। चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के घटकर एक दशक के निचले स्तर 5 फीसदी पर आने का अनुमान है।

इस बार यह देखना दिलचस्प रहेगा कि RBI GDP ग्रोथ और महंगाई को लेकर क्या आकलन करता है। RBI ने पिछली बैठक से पहले लगातार 5 बार दरें घटाई थीं। क्रिसिल के सीनियर इकनॉमिस्ट डी के जोशी का मानना है कि RBI को अभी महंगाई की चिंता है।