भोपाल.मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संकम्रण (corona virus) रोकने के लिए पुलिस (police) ने नया फॉर्मूला (formula) अपनाया है. वो गांव में निगरानी समितियां बना रही है. इसकी शुरुआत बैतूल ज़िले से हो चुकी है. इनमें लोकल लोगों को शामिल किया जा रहा है.पुलिस का मानना है कि गांव के लोग पुलिस से ज़्यादा इन निगरानी समिति के लोगों की बात मानते हैं.

बैतूल में निगरानी समितियों का गठन
बैतूल जिले के ग्रामीण अंचल में कोरोना संक्रमण की वजह से घोषित किए गए कंटेन्मेंट क्षेत्रों की निगरानी के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने अच्छी पहल की है.यहां समाज की भागीदारी से निगरानी समितियां बनायी गयी हैं. ये समितियां लगतार गश्त कर लोगों को घर से निकलने से रोकती हैं. उन्हें सोशल डिस्टेंस के बारे में बताती हैं और मास्क का इस्तेमाल करने के लिए कहती हैं.

समिति के सदस्य
इन समितियों में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिनकी गांव वालों में अच्छी पैठ है. ग्राम पंचायत के सरपंच, वहां के कर्मचारी, ग्राम कोटवार, ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्य शामिल किए गए हैं. समितियों ने कंटेन्मेंट क्षेत्रों में काम भी शुरू कर दिया है. ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है. ये सदस्य गांव में कोरोना रोकने के लिए दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं.

गांव में सक्रिय समिति
ग्रामीण क्षेत्र के कंटेन्मेंट क्षेत्र वाले ग्राम हीरावाड़ी, कतिया कोयलारी, शोभापुर में  कोरोना वायरस निगरानी समितियाँ बनायी गयीं हैं. बैतूल कलेक्टर राकेश सिंह और पुलिस अधीक्षक डी एस भदौरिया का कहना है कंटेन्मेंट क्षेत्रों में इन समितियों के होने से कोरोना रोकने में काफी मदद मिलेगी. और सरकारी स्टाफ को बाकी काम के लिए वक्त मिल पाएगा.