रायपुर।  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज यहां मंत्रालय में एक सप्ताह के छत्तीसगढ़ दौरे पर आए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के कॉमन रिव्यू मिशन को प्रदेश में भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने मिशन को योजनाओं के क्रियान्वयन में नवाचारों, उपलब्धियों और मैदानी स्तर पर आ रही कठिनाईयों से भी अवगत कराया। अधिकारियों ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास मंत्रालय व राज्य शासन के बीच छत्तीसगढ़ की जरूरतों के मुताबिक समन्वय संबंधी सुझाव भी मिशन से साझा किए।

मिशन रायपुर, कोरबा और बस्तर जिलों में ग्रामीण इलाकों का भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी हकीकत से भी रू-ब-रू होगी। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के कॉमन रिव्यू मिशन के श्री राजकुमार दत्ता, डॉ. सुखविन्दर सिंह जोहल और डॉ. रूबीना नुसरत 5 नवम्बर से 11 नवम्बर तक छत्तीसगढ़ के दौरे पर आए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव एवं मनरेगा आयुक्त श्री टी.सी. महावर, ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक श्री एस.के. जायसवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक श्री अभिजीत सिंह, स्वच्छ भारत मिशन के संचालक श्री अनुराग पाण्डेय, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री राजेश तिवारी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के मुख्य अभियंता श्री राही ने छत्तीसगढ़ में केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

बैठक में अधिकारियों ने मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, रूर्बन मिशन, कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, सांसद आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता पेंशन और ग्राम पंचायत विकास योजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी। ग्राम पंचायतों को चौदहवें वित्त आयोग की राशि के वितरण के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा, रूर्बन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और ग्राम पंचायत विकास योजना के बेहतर क्रियान्वयन तथा पंचायतों में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए भारत सरकार द्वारा राज्य को अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में बैंकिंग सेवाओं की कमी दूर करने बैंक सखी के माध्यम से लोगों को पेंशन और मनरेगा मजदूरी की राशि उनके घरों तक पहुंचाई जा रही है। इससे छोटे-मोटे लेन-देन के लिए लोगों को बैंक तक का सफर नहीं करना पड़ता। साथ ही बुजुर्ग और चलने-फिरने में असक्षम लोगों तक पेंशन की राशि उनके घर जाकर दी जा रही है। बैंक सखी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। अधिकारियों ने मिशन को बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त आबादी भूमि होने से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भूमिहीन हितग्राहियों को भी आसानी से दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत ज्यादा सड़कों के निर्माण के साथ ही उनकी गुणवत्ता में भी छत्तीसगढ़ देश के अव्वल राज्यों में शुमार है। इस योजना के तहत बनाई गई ऐसी सड़कें जिनके निर्माण को पांच वर्ष पूरे हो गए हैं, उनके रखरखाव और मरम्मत के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराए जाने का सुझाव अधिकारियों ने बैठक में दिया।