किसानों को जय किसान फसल ऋण माफी योजना का लाभ देने के लिए सहकारिता विभाग को शासन से 5250 करोड़ रूपये की राशि प्राप्त हुई है। जल्दी ही शेष 2000 करोड़ रूपये की अंशपूंजी भी प्राप्त हो जाएगी। इस योजना से अभी तक सहकारिता से जुड़े एन.पी.ए (नॉन परफोर्मिंग) खाताधारी 9.42 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की अपैक्स बैंक में हुई बैठक में प्रशासक श्री अशोक सिंह ने यह जानकारी दी। 

प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को दिलाने की मुख्य जिम्मेदारी जिला सहकारी बैंकों की है। वे इसका निर्वहन करें तथा ईमानदारी एवं तत्त्परता से किसानों के हित में कार्य करें। कठिनाई आने पर तुरंत अवगत कराएँ। राज्य स्तर से उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा। 

आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ श्री एम. के. अग्रवाल ने कहा कि सहकारी बैंकों को वित्तीय अनुशासनों जैसे अंकेक्षण, सतत् अंकेक्षण, सांविधिक अंकेक्षण, नाबार्ड निरीक्षण, समितियों के आयकर रिटर्न, जीएसटी रिटर्न, रीकंसीलिएशन आदि का समय सीमा में पालन सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का यह मुख्य दायित्व है। प्रबंध संचालक श्री प्रदीप नीखरा ने कहा कि सहकारी बैंकें व्यवसाय वृद्धि, अमानत संग्रहण, वसूली की प्रगति, एवं अन्य योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन करें।