धर्म के साथ वक्त एक ऐसा मरहम है जो बड़े-बड़े घाव भर देता है। आज वक्त आपके अनुकूल नहीं है तो क्या कल वह आपके साथ होगा। आज अचानक कोई मुश्किल आन पड़ी है और घबराहट के कारण आपके हाथ-पैर फूल गए हैं लेकिन आप तो सफलता पाने जा रहे हैं, अत: आप पहले यह देखें कि मुश्किल क्या इतनी कठिन है, जितनी लग रही है।
मुश्किलें शुरू में ही कठिन लगती हैं, वास्तव में उतनी कठिन होती नहीं हैं।

आप जरा अंदाजा लगा कर देखें कि कितना बुरा होगा और सामना करने की तैयारी कर लें। जब नतीजा सामने आएगा तो यही कहेंगे कि अरे 'सस्ते में निबट गए।'

कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं होती कि वह स्थायी हो जाए। वक्त के साथ-साथ समस्या भी चली जाती है, आज से महीनों पहले की समस्या याद कीजिए, तब वह कितनी कठिन लग रही थी और आप उसे नहीं सुलझा पाए थे।

आज देखें तो समस्या या तो समाप्त हो गई है या उसका प्रभाव न के बराबर रह गया है। ठीक उसी प्रकार जो नई समस्या अब आपके सामने हैं, क्या कुछ समय बाद वह खत्म नहीं होगी या उसकी धार कम नहीं होगी।

यह जान लीजिए कि आप सर्वगुण स पन्न नहीं हैं और इसे मान भी लीजिए। बुरे वक्त को गुजरने दें और आप कठिन से कठिन मुश्किलों से बाहर आ जाएंगे। इसके लिए अपने आपसे यह वायदा अवश्य ही करना होगा कि आप कभी भी निराश नहीं होंगे।

क्योंकि निराश व्यक्ति जीवन में कभी सफल नहीं होता है। आज यदि समय आपके अनुकूल नहीं है तो कुछ समय के लिए शांत हो जाएं और अनुकूल समय का इंतजार करें। अच्छा समय आते ही फिर से सक्रिय हो जाएं और इस प्रकार जल्द ही सफलता आपकी पाकेट में होगी। हमेशा याद रखें कि जीवन में सर्वाधिक मूल्यवान समय है।