इन्दौर । निवेश क्षेत्र में मध्यप्रदेश हस्तांतरणीय विकास अधिकार नियम 2018 के प्राप्ति क्षेत्र के चयन हेतु आज संभागायुक्त कार्यालय में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त नगर निगम आशीष सिंह, मुख्य कार्यपालिक अधिकारी स्मार्ट सिटी सुश्री अदिति गर्ग, मुख्य कार्यपालिक अधिकारी इन्दौर विकास प्राधिकरण विवेक श्रोत्रिय, एयरपोर्ट डायरेक्टर श्रीमती आर्यमा सान्याल, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के अलावा स्थानीय इंजीनियर्स, टाउन प्लानर्स, आर्किटेक्ट, क्रेडाई एवं शैक्षणिक संस्था तथा स्थानीय एनजीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। शासन के द्वारा प्रस्तावित मध्यप्रदेश हस्तांतरणीय विकास अधिकार नियम 2018 में प्राप्ति क्षेत्र की अधिसूचना जारी करने से पहले प्राप्ति क्षेत्रों के चयन हेतु यह बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में बताया गया कि निवेश क्षेत्र में सरकार एवं उपक्रमों के द्वारा लोक परियोजनाएं प्रस्तावित किये जाने पर प्राप्ति क्षेत्र में विकास अधिकार प्रमाण पत्र का उपयोग किया जा सकता है। बैठक में उत्पादन क्षेत्र के संबंध में विस्तार से नियमों के बारे में अवगत कराते हुए विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मुख्यत: एयरपोर्ट डायरेक्टर श्रीमती आर्यमा सान्याल द्वारा अवगत कराया गया कि एयरपोर्ट के फनल एरिया को ध्यान में रखा जाए, ताकि उक्त क्षेत्र में ऊंचे भवनों के संबंध में निर्णय लिया जा सके। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि प्राप्ति क्षेत्र के विकास अधिकार नियम को इस प्रकार से बनाया जाए कि उनके वर्तमान नियमों के साथ उनका कोई विरोधाभास न रहे। प्राप्ति क्षेत्र घोषित करते समय पर्यावरण के प्रभाव को भी ध्यान में रखा जाए, ताकि नगर का विकास नियोजित रूप से हो सकें। प्राप्ति क्षेत्र नगर में एक से अधिक स्थानों पर अंकित किया जाए तथा उत्पादन क्षेत्र एवं प्राप्ति क्षेत्र का आपस में अनुपात इस प्रकार होना चाहिए कि, मार्केट में एक संतुलन बना रहे।
बैठक में यह भी बिन्दु उठाया गया कि शहर में मैकेनाइज्ड कार पार्किंग के नियमों को जल्दी से जल्दी लागू किया जाये, तभी मध्यप्रदेश हस्तांतरणीय विकास अधिकार नियम 2018 में अतिरिक्त बिल्ट अप एरिया प्लान को लागू करने में सफलता मिल पाएगी। संभागायुक्त द्वारा सुझाया गया कि प्राप्ति क्षेत्र में मार्ग के दोनों तरफ का क्षेत्र चयनित होना चाहिये, ताकि मार्ग के दोनों तरफ के लोगों को बराबर लाभ मिल सकें। संभागायुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि वे अपने सुझाव आगामी तीन-चार दिन में संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश इन्दौर कार्यालय को उपलब्ध करायें, ताकि प्राप्ति क्षेत्र का प्रस्ताव शासन को शीघ्र भेजा जा सकें।