निजी स्कूलों में प्रदेश भर में 60 फीसदी गरीब बच्चों के ही आवेदन शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर नियम 134ए के तहत दाखिला के लिए ऑनलाइन हुए हैं। अब तक प्रदेशभर के 6888 निजी स्कूलों ने वैकेंसी दर्शायी हैं, जिनमें एक लाख 84 हजार 465 सीटें गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिला के लिए खाली पड़ी हैं। इतना ही नहीं अब तक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर प्रदेशभर से 72 हजार 653 बच्चों ने ही दाखिला रजिस्ट्रेशन कराया है। 
हरियाणा मौलिक शिक्षा निदेशालय ने 25 फरवरी से 20 मार्च तक नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों के दाखिला के लिए कक्षा दूसरी से बारहवीं तक आवेदन के लिए शेडयूल जारी किया। 12 अप्रैल को ऑनलाइन दाखिला रजिस्ट्रेशन कराने वाले बच्चों का असेसमेंट टेस्ट लिया जाएगा। इसके उपरांत 18 अप्रैल को पहला दाखिला ड्रा जारी होगा। पहले ड्रा में शामिल बच्चों के दाखिले 20 से 28 अप्रैल तक अलॉट हुए निजी स्कूलों में कराए जाएंगे। 

भिवानी खंड में 85 निजी स्कूलों ने नहीं दी रिक्त सीटों की जानकारी
अकेले भिवानी खंड के अंतर्गत आने वाले 85 निजी स्कूलों ने रिक्त सीटों की जानकारी शिक्षा विभाग को नहीं दी। भिवानी ब्लॉक में करीब 125 से अधिक निजी स्कूल हैं, लेकिन अधिकांश स्कूलों ने अभी तक रिक्त सीटों की जानकारी ही विभाग को नहीं दी है। अभिभावक ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान भी असमंजस में हैं कि वे कौन सा स्कूल भरें, क्योंकि जब तक उन्हें खाली सीटों का ही नहीं पता होगा तो वे दाखिला आवेदन में उस विद्यालय को कैसे चुनेंगे।
जिन निजी स्कूलों ने अभी तक शिक्षा विभाग को नियम 134ए के तहत रिक्त सीटों की जानकारी नहीं दी हैं, ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ बच्चों के मौलिक शिक्षा अधिकार के हनन और हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का केस दर्ज कराए जाने की मांग हाईकोर्ट में उठाएंगे। शिक्षा विभाग से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि 31 मार्च तक बढ़ाए जाने को लेकर बातचीत चल रही है।-बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
 
जिन निजी स्कूलों ने खाली वैकेंसी की सूचना नहीं दी हैं, शायद ऐसे स्कूल अस्थायी मान्यता या फिर परमिशन के दायरे में आते होंगे, क्योंकि दाखिला के लिए केवल स्थायी मान्यता वाले निजी स्कूल ही सीटें दर्शा सकते हैं। दाखिला तिथि बढ़ाए जाने संबंधी अभी तक उनके समक्ष कोई सूचना नहीं आई है।-अजीत सिंह जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।