लखनऊ. हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की हत्या को अब चार दिन हो चुके हैं, लेकिन मुख्य हत्यारोपी (Accused) अभी भी पुलिस (Police) की पकड़ से दूर हैं. लिहाजा अब परिजन भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने लगे. लगातार पुलिस को चकमा देकर शहर-शहर घूम रहे कातिल कहां भागने के फ़िराक में हैं इसका महज अंदाजा ही लगाया जा रहा है. अभी तक पुलिस इस मामले में 10 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी है, जिसमें हत्यारोपियों को देखने का दावा किया जा रहा है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्यारोपी नेपाल भागने की फ़िराक में थे, लेकिन ऐसा न होने पर वे शाहजहांपुर या फिर बरेली में कहीं छिपे हैं. इस बीच एटीएस को जानकारी हुई है कि दोनों ने एक वकील से सरेंडर को लेकर भी बातचीत की थी.

नेपाल बॉर्डर पार करने की कोशिश में थे

हत्यारोपी शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन नेपाल भागना चाहते थे. इसके लिए दोनों हत्या के बाद लखीमपुर के पलिया पहुंचे. यहां दोनों आरोपियों ने पहले बैटरी रिक्शा बुक की और फिर वहां से इनोवा कार किराये पर लेकर गए. ये इनोवा कार इरशाद और राजकुमार नाम के दो लोग पार्टनरशिप में किराए पर चलवाते हैं. रात क़रीब 9.30 बजे गाड़ी किराए पर ली गई. इसका ड्राइवर तौहीद था. तौहीद ने लंबा रास्ता होने की वजह से छोटे नाम के अपने एक सहयोगी को भी साथ ले लिया. आरोपियों ने नेपाल की जगह शाहजहांपुर जाने के लिए कहा और शाहजहांपुर निकल गए. रास्ते में एक आरोपी ने तौहीद के मोबाइल से किसी महिला को कॉल किया और उससे कुछ बता की. बातचीत संभवतः गुजराती में हो रही थी.

ड्राइवर के फोन से की बात


इसके बाद शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पास दोनों आरोपी उतर गए. ड्राइवर तौहीद जब वापस निकल गया तभी उस महिला का फोन तौहीद के मोबाइल पर आया. महिला ने पूछा जिससे बात हुई थी वो कहां हैं? जिस पर तौहीद ने बताया कि वो उतर गए हैं और वो उन्हें छोड़कर 10 किलोमीटर आगे आ गया है. इसके बाद खाना खाने के लिए जब तौहीद और उसका साथी छोटे एक ढाबे पर रुके, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. फिलहाल एटीएस इस कार्यवाही को गु्प्त रखा गया  है.

कहा जा रहा है कि आरोपियों ने इनोवा कार चालक के ही मोबाइल से आत्मसमर्पण के लिए सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे ठाकुरगंज के एक वकील को फोन कर अदालत में सरेंडर करने के बारे में बातचीत की थी. कातिल टैक्सी बुक कराकर नेपाल बार्डर पार करना चाहते थे, लेकिन वहां काफी चौकसी थी इसलिए दोनों शाहजहांपुर गए और टैक्सी छोड़ दी थी. कार चालक से पूछताछ करने के साथ ही दोनों की लोकेशन खंगाली जा रही है.