भोपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद राशि नहीं देने पर अब कमलनाथ सरकार (Kamal Nath government) केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) के खिलाफ उपवास पर बैठेगी. कर्नाटक को आपदा के तहत 1200 करोड़ और बिहार को 400 करोड़ रुपये की मदद देने वाली केंद्र सरकार ने मध्‍य प्रदेश सरकार के बार-बार अनुरोध के बाद भी राहत राशि नहीं दी है, लिहाजा कमलनाथ सरकार ने अब उपवास की तैयारी कर ली है. आज कमलनाथ कैबिनेट (Kamal Nath Cabinet) की अनौपचारिक बैठक में केंद्र सरकार के रवैये को लेकर चर्चा हुई. इसी दौरान केंद्र की भेदभाव की नीति के खिलाफ धरना देने की रणनीति बनी. कांग्रेस सरकार ने कहा है कि यदि केंद्र से मदद नहीं मिलती है तो दिल्ली में मंत्रिमंडल के सदस्य केंद्र के खिलाफ उपवास करेंगे.

केंद्र के खिलाफ राज्य के धरने के ऐलान पर मध्‍य प्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि केंद्र से बार-बार अनुरोध के बाद भी मदद नहीं मिलने पर अब उपवास के जरिए केंद्र सरकार को जगाने का काम होगा. जबकि कमलनाथ सरकार के मंत्रियों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक महीने का वेतन देने का फैसला किया है. साथ ही आईएएस एसोसिएशन ने अफसरों के पांच फीसदी डीए की राशि बाढ़ पीड़ितों के लिए दी है. मुख्यमंत्री कमलनाथ को आज मंत्रालय में चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज द्वारा मध्य प्रदेश के अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में पांच लाख रुपए का चेक दिया.

इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से तत्काल 6621.28 करोड़ रुपए की राहत देने की मांग की थी. जबकि शाह से मिलने से पहले पीएम मोदी से भी मिलकर इस बात की चर्चा कर चुके हैं.