भोपाल,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने कहा मैं कभी कुर्सी के पीछे नहीं भागता.कुर्सी पाने से ज्यादा उसे छोड़ना बड़ी बात होती है. सिंधिया के इस बयान के मायने पिछले साल विधानसभा चुनाव (assembly election) के बाद सीएम (cm) पद के लिए उनकी दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ये बात भोपाल में कही.

सेवादल के कार्यक्रम में राज्यसभा में जाने की अटकलों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा मैं कभी कुर्सी के पीछे नहीं भागता. मैं जनसेवा में विश्वास करता हूं. ये बात बीते दिसंबर में भी लागू थी और आज भी लागू है. सिंधिया ने सेवादल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्सी पाने से ज्यादा उसे छोड़ना बड़ी बात होती है. सिंधिया के इस बयान के मायने पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद सीएम पद के लिए उनकी दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है.मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों सिंधिया के मध्य प्रदेश से राज्यसभा में जाने की अटकलें हैं. सिंधिया खेमे के मंत्री कई बार इसका समर्थन कर चुके हैं. इससे पहले सिंधिया को पीसीसी चीफ बनाने की मांग भी ये समर्थक कर चुके हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल में कांग्रेस सेवादवल के प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में आए थे. उन्होंने यहां कांग्रेस सेवादल को स्वतंत्र करने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा सेवादल को पूरी तरह से स्वतंत्र होना चाहिए. सेवादल आज कांग्रेस में जो कर रहा है उसकी जिम्मेदारी उससे कहीं ज्यादा है.सिंधिया ने कहा सेवादल दल बीते 20-25 साल में संकीर्ण सोच से देखा गया है. उसे बंद मुट्ठी में रखा गया. सिंधिया ने सेवादल की तारीफ करते हुए कहा कि सेवादल का कार्यकर्ता सैनिक की तरह होता है. सेवादल न होता तो देश को आजादी नहीं मिलती.राजधानी भोपाल में कांग्रेस सेवादल का राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर 2 जनवरी से शुरू हुआ था जिसका समापन 12 जनवरी को हुआ. इस दौरान सीएम कमलनाथ से लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह तक सेवादल के कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे.

सिंधिया ने सीएए और एनआरसी को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में नोटबंदी के बाद एक बार फिर लोगों को लाइन में खड़ा करने की तैयारी है. केंद्र की बीजेपी सरकार लोगों को बांटने का काम कर रही है. दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक देखने के सवाल पर सिंधिया बोले कि मैं हर फिल्म देखता हूँ छपाक भी देखूँगा. सिंधिया ने दीपिका पादुकोण को बधाई देते हुए कहा कि दीपिका पादुकोण ने सत्य का साथ दिया इसमें कोई दो राय नहीं है. आसान नहीं है इस वातावरण में अपनी आवाज उठाना और उपस्थिति दर्ज कराना. एक शब्द कहे बिना भी बहुत कुछ कह गईं दीपिका. उन पर जिस तरह की टिप्पणियों की बौछार की गई वह हमारी संस्कृति नहीं है. इसकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है. दीपिका पादुकोण की वीरता के लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं.