भोपाल । प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को आयु सीमा में छूट और आरक्षण का लाभ अब संविदा शिक्षक वर्ग-3 की पात्रता परीक्षा में नहीं मिलेगा। अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्णय का विरोध करना शुरु कर दिया है। विभाग ने प्राथमिक स्कूल पात्रता परीक्षा का विज्ञापन जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अतिथि शिक्षकों को संविदा वर्ग-3 की पात्रता परीक्षा में किसी भी तरह का लाभ नहीं मिलेगा। अतिथि शिक्षकों को सामान्य अभ्यर्थी की तरह परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। इधर, विभाग के इस आदेश पर अतिथि शिक्षकों ने न्यायालय जाने की बात कही है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग उनके साथ अन्याय कर रहा है, जबकि वर्ग-1 और वर्ग-2 की परीक्षा में आयु सीमा में छूट और आरक्षण का लाभ दिया गया है तो फिर इस परीक्षा से क्यों वंचित रखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग की संविदा वर्ग-3 पात्रता परीक्षा पीईबी (प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड) 25 अप्रैल को पूरे प्रदेश भर में प्रारंभ होगी। अप्रैल में होने वाली परीक्षा के लिए 6 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन भरना शुरू हो चुके हैं, जो 20 जनवरी तक भरे जाएंगे। आवेदन पत्र में किसी भी तरह का संशोधन 25 जनवरी तक होगा। अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 और 2 की परीक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षण और आयु सीमा में 9 वर्ष की छूट दी गई थी। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिला था। तीन साल या उससे ज्यादा समय तक स्कूल में सेवा देने वाले अतिथि शिक्षक लाभ के दायरे में आए थे। इस बारे में लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त जयश्री कियावत का कहना है कि प्राथमिक स्कूल पात्रता परीक्षा में अतिथि शिक्षकों को किसी भी तरह का लाभ नहीं मिलेगा यह निर्णय शासन ने लिया है। वहीं अतिथि शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष हेमंत तिवारी का कहना है कि विभाग का दोहरा मापदंड समझ में नहीं आ रहा है। हक की लड़ाई के लिए न्यायालय की शरण ली जाएगी और वर्ग-3 की परीक्षा में पहले की तरह लाभ मिले इसके लिए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।