पशुपालन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने कहा है कि राज्य सरकार निराश्रित गौ-वंश की देखभाल के लिये प्रदेश में एक हजार गौ-शालाओं का निर्माण करवा रही है। हर जिले में नदी किनारे की जमीन पर गौ-वंश अभयारण्य बनाया जायेगा। श्री यादव ने विदिशा जिले में निर्माणाधीन गौ-शालाओं की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि कुल 3 हजार गौ-शाला निर्माण के लिये भूमि चिन्हित की जाए। प्रथम चरण में 15 दिसम्बर तक एक हजार गौ-शालाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि गौ-शाला निर्माण कार्य में सरपंचों द्वारा व्यय की गई राशि उन्हें वापस दिलाई जायेगी। यदि कोई सरपंच पुन: चुनकर नहीं आता है, तो भी राशि वापस की जायेगी।

मंत्री श्री यादव ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौ-शालाओं में जलापूर्ति के लिये ट्यूबवेल खनन कराएं। मनरेगा योजना में गौ-शाला निर्माण में राशि की कमी होने पर पंच-परमेश्वर योजना में पशुओं के लिये पीने के पानी की नालनुमा नाली बनवाई जाये। उन्होंने गौ-शालाओं में बिजली आपूर्ति के लिये बिजली कनेक्शन लेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन गौ-शालाओं में सुगमता से बिजली की आपूर्ति संभव नहीं है, उनमें सोलर ऊर्जा सिस्टम से बिजली की व्यवस्था की जाए। श्री यादव ने निर्देश दिये गौ-शालाओं में बिजली की सुगम आपूर्ति की दृष्टि से गौ-शालाओं के समीप 25 के.व्ही. के ट्रांसफार्मर्स स्थापित किये जाएं।