दिल्ली से पांच लाख से ज्यादा लोग दो दिन में यूपी में दाखिल हो चुके हैं। रोकने की तमाम कोशिशें काम न आने के बाद यूपी सरकार एक हजार बसें लगाकर उन्हें गंतव्य तक पहुंचा रही है। शुक्रवार व शनिवार रात भर बसें लगाकर लोगों को पहुंचाने का इंतजाम करना पड़ा। उधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ देर रात तक हालात की मॉनिटरिंग करते रहे। 

योगी की नसीहत...केजरीवाल का अनुरोध... नीतीश की चिंता
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभिन्न राज्यों में काम करने वाले यूपी के लोग आजीविका वाले स्थान पर रहें। यात्रा उन्हें व परिवार सहित अन्य लोगों को खतरे में डाल सकती है। 

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली-यूपी सरकार की बसों की व्यवस्था है। हमारी अपील है कि लोग जहां हैं, वहीं रहें। उनके खाने-रहने की व्यवस्था है। 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों के लिए बसों की नहीं, कैंपों की व्यवस्था होनी चाहिए। राज्य इसका खर्च उठाएं। पलायन से लॉकडाउन निरर्थक हो जाएगा।

ऐसे में सबसे बड़ी चिंता :ये लोग जब अपने घर पहुंचेंगे, तब इनकी जांच कैसे संभव होगी? कैसे थमेगा कोरोना का  संक्रमण?

जगह न छोड़ने की अपील

केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि आप जहां हैं वहीं रहें वरना महामारी फैल जाएगी। सिर्फ यही नहीं उन्होंने बताया कि सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।  1000 दुकानों में समय से पहले पहुंचा राशन पहुंच चुका है। 71 लाख लोगों तक राशन पहुंचेगा। हमने रहने और खाने की व्यवस्था कर दी है।

न जाएं अपने गांव
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पलायन कर रहे लोगों से अपील की है की यूपी और दिल्ली दोनों सरकारों ने बसों का इंतजाम तो कर दिया है, लेकिन मेरी अभी भी सभी से अपील है कि वे जहां है, वहीं रहें। हमने दिल्ली में रहने, खाने-पीने सबका इंतजाम किया है। कृपया अपने घर पर ही रहें। अपने गांव ना जाएं, नहीं तो लॉकडाउन का मकसद ही खत्म हो जाएगा।