मोदी सरकार दिवाली से पहले देश के किसानों के लिए एक बड़ी सौगात का ऐलान कर सकती है। रबी फसलों की बुवाई शुरू होने से पहले सरकार सीजन की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की घोषणा कर सकती है।  सूत्रों ने बताया कि बुधवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चालू फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) की आगामी रबी सीजन की फसलों का एमएसपी बढ़ाने पर फैसला किया जा सकता है। 

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) द्वारा रबी फसलों के एमएसपी में वृद्धि की सिफारिश किए जाने के बाद काफी समय से इसकी घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।  हालांकि यह इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाली है, क्योंकि बुधवार को इस पर सरकार फैसला ले सकती है। 

सूत्रों के अनुसार, सीएसीपी ने चालू रबी सीजन में गेहूं का एमएसपी बढ़ाकर 1,925 रुपये, जौ का 1,525 रुपये, सरसों का 4,425 रुपये, चना का 4,825 रुपये, मसूर का 4,800 रुपये और कुसुम का 5,215 रुपये प्रति कुंटल करने की सिफारिश की है। पिछले सीजन 2018-19 में गेहूं का एमएसपी 1,840 रुपये, जौ का 1,440 रुपये, चना का 4,620 रुपये, मसूर का 4,475 रुपये, सरसों का 4,200 रुपये और कुसुम का 4,945 रुपये प्रति कुंटल था। इस प्रकार गेहूं और जौ के एमएसपी में 85 रुपये प्रति कुंटल, जबकि चना, मसूर, सरसों और कुसुम के एमएसपी में क्रमश: 205 रुपये, 325 रुपये, 225 रुपये और 270 रुपये प्रति कुंटल की वृद्धि की सिफारिश की गई है।

सूत्रों ने बताया कि सीएसीपी की सिफारिश पर मंत्रिमंडल इसमें वृद्धि या कमी करने के संबंध में फैसला लिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर रबी फसलों के एमएसपी की घोषणा में विलंब हुआ। 

दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में कई सीटों पर उपचुनावों के लिए सोमवार को मतदान संपन्न हुआ। मतों की गिनती 24 अक्टूबर को होगी।

  •