आगरा-लखनऊ पर एक्सप्रेसवे 65 यात्रियों की जान उस समय सांसत में पड़ गई जब एक नशे में धुत ड्राइवर ने गलत दिशा में गाड़ी दौड़ा दी। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
टोल प्लाजा पर चेकिंग कर रही ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी को देखकर यात्रियों ने शोर मचाया। इसके बाद बस को रोका गया। ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर ने यात्रियों को अन्य बस में सवार कर गंतव्य के लिए रवाना किया।

गुरुवार को आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बस गलत दिशा में जा रही थी। ट्रेवल प्लाइंट कंपनी की इस बस में 65 यात्री सवार थे। बस दिल्ली से पटना जा रही थी। बस ड्राइवर और कंडक्टर नशे में थे। आगरा टोल प्लाजा के निकट यातायात पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान यह बस गलत दिशा में करीब सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती दिखाई दी।
बस गलत दिशा में तेजी से दौड़ रही थी। जिसके अंदर से सवारियां आवाज लगा रही थीं। यह सब देखकर ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बस को रुकवाया।

ड्राइवर और कंडक्टर का चालान काटा गया। सवारियों का आरोप था कि दोनों ने शराब पी रखी थी। काफी देर तक बस की रफ्तार कम करने के लिए कहा था लेकिन, दोनों ने नहीं सुना। सौ किलोमीटर की रफ्तार से करीब 21 किलोमीटर तक ड्राइवर ने गलत दिशा में गाड़ी दौड़ाई थी।

गौरतलब है कि विगत माह आगरा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस के झरना नाला पर एक बार दुर्घटना का शिकार हुई थी। जिसमें करीब 29 लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। बावजूद इसके कुछ ड्राइवर नशा करके गाड़ी चला रहे हैं। पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कदम उठा रही है।