महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि बेटियाँ परिवार की शान होती हैं। वे एक नहीं, दो परिवारों का मान बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" के स्थान पर अब नारा "बेटी-पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ" होना चाहिये। श्रीमती इमरती देवी ग्वालियर में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित बिटिया सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।

मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि बेटियों ने आज हर क्षेत्र में अपनी योग्यता के दम पर परचम लहराया है। आज बेटियाँ न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि देश का नाम भी रौशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिये अनेक कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने बेटियों से कहा कि वे दृढ़ इच्छा-शक्ति के साथ आगे बढ़ें और अपना तथा अपने परिवार का नाम रौशन करें। मंत्री ने कहा कि महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 24 से 30 जनवरी तक राष्ट्रीय बालिका सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ हस्ताक्षर अभियान, सामूहिक शपथ, प्रभात-फेरी, आँगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर दस्तक, पंचायत एवं सार्वजनिक भवनों पर स्टीकर एवं पोस्टर लगाकर सामाजिक जागरूकता जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

राष्ट्रीय बालिका दिवस

प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में 24 जनवरी को जागरूक बालिका-समर्थ मध्यप्रदेश की थीम पर राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज में लोगों के बीच बेटियों के अधिकार को लेकर जागरूकता पैदा करना है।

महिला-बाल विकास मंत्री ने समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बेटियों का सम्मान किया। उन्होंने महिला-बाल विकास विभाग द्वारा तैयार की गई पुस्तिका एवं कैलेण्डर का विमोचन भी किया।

महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे - आयुक्त श्री नरेश पाल

भोपाल के कॅरियर कॉलेज में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयुक्त महिला-बाल विकास श्री नरेश पाल कुमार ने कहा कि महिलाएँ आज हर क्षेत्र में आगे हैं और अपनी कार्य-कुशलता सिद्ध भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसकी प्राप्ति के लिये निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। हम सभी को मिलकर बेटियों की सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिये काम करना है।

कॅरियर कॉलेज की प्राचार्य श्रीमती पूनम गुप्ता ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेटों की मानसिकता बदलनी आवश्यक है। बेटियों का सम्मान हमारे देश की संस्कृति और परम्परा भी है।

इस अवसर पर आयुक्त श्री नरेश पाल कुमार ने राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। साथ ही, उन्होंने "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" की शपथ भी दिलाई।