फरीदाबाद । फरीदाबाद के 14 साल पुराने गोलीकांड मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग की अदालत ने बार असोसिएशन के 2 पूर्व अध्यक्ष समेत 4 वकीलों को सजा सुनाई है। इस गोलीकांड में कोर्ट ने चारों को 7 मार्च को दोषी करार दिया था और इस मामले का ट्रायल साल 2011 से शुरू हुआ था। बता दें ‎कि कोर्ट परिसर में कैंटीन और साइकल स्टैंड पर कब्जे को लेकर 2 पक्षों में विवाद था। 31 मार्च, 2006 को कैंटीन पर कब्जे को लेकर 2 पक्ष में कहासुनी हुई थी। इस दौरान मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई के साथ ही एक पक्ष ने अदालत में फायरिंग शुरू कर दी थी। इस घटना में अधिवक्ता राकेश भड़ाना गोली लगने से घायल हो गए थे। कुछ अन्य अधिवक्ताओं को भी चोटें आई थीं। शिकायतकर्ता अधिवक्ता अजयवीर भड़ाना ने 25 लोगों के खिलाफ सेंट्रल थाने में केस दर्ज कराया था। इसमें कई अधिवक्ताओं समेत कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए 7 मार्च को अधिवक्ता ओ.पी. शर्मा, गौरव शर्मा, एल.एन. पराशर व कैलाश वशिष्ठ को फायरिंग व मारपीट का दोषी करार दिया था, जबकि 20 आरोपितों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इनमें से एक आरोपित रविंद्र फौजी की मौत हो चुकी है। इस मामले में दोनों पक्षों के 24-24 गवाह पेश किए गए थे। एल.एन. पाराशर व ओ.पी. शर्मा बार असोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। गुरुवार को सजा पर अंतिम बहस हुई थी और अधिवक्ताओं से भरे कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग ने चारों दोषियों को 6-6 साल की सजा सुनाते हुए, 3-3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने चारों वकीलों को सजा सुनाने के बाद जेल भेज दिया।