अहमदाबाद | किसान नेता पाल आंबलिया के साथ पुलिस की कथित मारपीट को लेकर गुजरात कांग्रेस ने सरकार पर कड़े प्रहार किए| साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वह गांधीनगर से मुख्यमंत्री के इशारे पर काम करना बंद कर दें, क्योंकि ये सरकार हमेशा के लिए नहीं रहेगी| दरअसल राजकोट पुलिस पर गुजरात किसान कांग्रेस के चेयरमेन और किसान नेता पाल आंबलिया की बेरहमी से पिटाई किए जाने का आरोप लगाया गया है| बुधवार को पाल आंबलिया किसानों को उनकी फसल के उचित मूल्य दिलाने की मांग को लेकर राजकोट जिला कलेक्टर से पेशकश करने गए थे| कलेक्टर के समक्ष पेशकश करने से पहले ही पाल आंबलिया समेत चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था|
इस घटना को लेकर गुजरात कांग्रेस के प्रमुख अमित चावड़ा ने कहा कि पाल आंबलिया किसानों की वेदना को आवाज दे रहे थे, तब उन्हें पुलिस थाने से निजी वाहन में ले जाया गया| चावडा ने राज्य की पुलिस को सरकार के इशारे पर काम बंद करने के चेतावनी दी और कहा कि पुलिस को समझना होगा कि मौजूदा सरकार हमेशा नहीं रहेगी| उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इशारे पर पाल आंबलिया के साथ मारपीट की गई है और इस घटना से सरकार की किसान विरोधी नीति का पर्दाफाश हो गया है| उन्होंने कहा कि पाल आंबलिया और अन्य किसानों के साथ पुलिस जब दुर्व्यवहार कर रही थी, तब स्वयं तहसीलदार मौजूद थे| इसके बावजूद पाल आंबलिया को अस्पताल नहीं भेजा| चावड़ा ने कहा कि पूरी घटना को लेकर वह कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं| कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की| मोढवाडिया ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करने के साथ ही उन्हें सस्पैंड करने की भी मांग की| इसके अलावा लॉकडाउन और कोरोना वायरस के नाम पर पुलिस अब तक आम लोगों को पीट रही थी और अब नेताओं को पीटने लगी है| सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए मोढवाडिया ने कहा कि कांग्रेस दादागिरी बर्दाश्त नहीं करेगी|