जयपुर. राजस्थान विधानसभा के कल से शुरू होने वाले सत्र से पहले आज कांग्रेस विधायक दल (Congress Legislature Party) की बैठक होगी. बैठक की जगह और समय पर दोपहर तक सीएम अशोक गहलोत और वरिष्ठ नेता फैसला करेंगे. विधायक दल की बैठक में शामिल होने का न्यौता सचिन पायलट कैम्प (Sachin Pilot Camp) को भी दिया जायेगा.राज्य सरकार के मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने बताया कि दोपहर तक विधायक दल की बैठक का समय और जगह तय होगी. बैठक में पायलट कैम्प को बुलाने के सवाल पर जोशी ने बताया कि विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए सभी को सूचना दी जाएगी. वहीं पायलट कैम्प से भी खबर है कि वे बैठक की सूचना मिलने के बाद वे उसमें शामिल होंगे.

बीजेपी भी तैयार करेगी अपनी रणनीति
वहीं दूसरी तरफ आज बीजेपी भी विधानसभा सत्र के मद्देनजर बैठक कर अपनी रणनीति बनायेगी. बीजेपी विधायक दल की बैठक आज सुबह 11 बजे पार्टी मुख्यालय पर होगी. इस बैठक में पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे. बैठक में शामिल होने के लिये केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सुबह 11 बजे सांगानेर एयरपोर्ट पहुचेंगे जबकि मुरलीधर राव सड़क मार्ग जयपुर आयेंगे. पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी वी सतीश और अविनाश खन्ना पहले से ही जयपुर में हैं. बैठक में विधायकों से वन टू वन संवाद किये जाने की संभावना है. इस बैठक में प्रदेश के बदले सियासी समीकरण पर मंथन कर आगामी रणनीति तैयार की जायेगी. इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता सभी को एकजुट रहने का संदेश भी देंगे.

बीजेपी भी तैयार करेगी अपनी रणनीति
वहीं दूसरी तरफ आज बीजेपी भी विधानसभा सत्र के मद्देनजर बैठक कर अपनी रणनीति बनायेगी. बीजेपी विधायक दल की बैठक आज सुबह 11 बजे पार्टी मुख्यालय पर होगी. इस बैठक में पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे. बैठक में शामिल होने के लिये केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सुबह 11 बजे सांगानेर एयरपोर्ट पहुचेंगे जबकि मुरलीधर राव सड़क मार्ग जयपुर आयेंगे. पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी वी सतीश और अविनाश खन्ना पहले से ही जयपुर में हैं. बैठक में विधायकों से वन टू वन संवाद किये जाने की संभावना है. इस बैठक में प्रदेश के बदले सियासी समीकरण पर मंथन कर आगामी रणनीति तैयार की जायेगी. इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता सभी को एकजुट रहने का संदेश भी देंगे.

सत्र आहूत करने को लेकर बनी थी टकराव की स्थिति
उल्लेखनीय है कि राज्य में गत करीब माह से ज्यादा समय से चल रहे सियासी संकट के बाद आहूत हो रहा यह विधानसभा सत्र काफी अहम है. इस सत्र को बुलाने को लेकर पूर्व में राजभवन और राज्य सरकार में टकराव हो गया था. सत्र नहीं बुलाने पर सीएम अशोक गहलोत समेत कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल पर गंभीर आरोप भी लगाये थे. उसके बाद सरकार की सत्र बुलाने की फाइल को राजभवन ने तीन बार वापस भेज दिया था.