नई दिल्ली । गंगा जल उद्वह योजना समय से पूरी की जाएगी। इसे सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को नालंदा, नवादा और गया जिले के विभिन्न स्थलों पर जाकर कार्य की प्रगति का जायजा लिया और पदाधिकारियों को कई निर्देश दिये। इस योजना के तहत गंगा जल को शुद्ध कर चार शहरों गया, बोधगया, राजगीर और नवादा के सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति करनी है। पेयजल आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य जून, 2022 रखा गया है। मुख्यमंत्री ने नवादा जिले के मोतनाजे में योजना का निरीक्षण किया। वहां जल भंडारण के लिए निर्माणाधीन टैंक सह पंप हाउस का निरीक्षण किया। पदाधिकारियों ने उन्हें बताया कि यहां से राजगीर और नवादा के लिए गंगा जल की आपूर्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। कहा कि एलाइनमेंट इस प्रकार रखें कि पानी का प्रवाह ठीक ढंग से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा जल उद्वह योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। इसपर सरकार बड़ी राशि खर्च कर रही है। मुख्यमंत्री ने गया जिले के अंतर्गत तेतर जाकर तेतर जलाशय, अर्दन डैम के निर्माणाधीन कार्य की भी जानकारी ली। गया जिले के अवगिल्ला-मानपुर में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जल भंडारण के लिए टैंक का निरीक्षण किया। गया और बोधगया के लिए जलापूर्ति योजना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो, इसका आकलन ठीक से कर लें। शहरों की बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए काम करें। मुख्यमंत्री ने विष्णुपद मंदिर के पास निर्माणाधीन रबर डैम की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया कि फल्गु नदी में प्रवाहित होने से पहले शहर के गंदे पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से स्वच्छ करने की व्यवस्था करें। ताकि लोगों को सहूलियत हो। उन्होंने सीताकुंड जाकर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज स्थल का भी निरीक्षण किया।