भोपाल. मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ (Chief Minister Kamal Nath) आज शाम अचानक राजभवन (Rajbhavan) पहुंचे और उन्‍होंने राज्‍यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) के साथ करीब आधे घंटे तक मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान सीएम ने भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी (BJP MLA Prahlad Lodhi) की सदस्यता के मामले को लेकर भी चर्चा की. आपको बता दें कि पवई से भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी को सरकारी अधिकारी के साथ मारपीट के मामले में सांसद और विधायकों की स्‍पेशल कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है. जबकि इस सजा के बाद विधानसभा अध्‍यक्ष एन पी प्रजापति ने उनकी सदस्‍यता को खत्‍म कर दिया. हालांकि हाईकोर्ट में दस्‍तक देने के बाद विधायक को राहत मिली और सजा पर स्‍टे मिलने के बाद भी उनकी सदस्‍यता को बहाल नहीं किया गया है.

इन मुद्दों पर राज्‍यपाल से हुई बातचीत

सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान मुख्‍यमंत्री कमलनाथ और राज्‍यपाल के बीच शीतकालीन सत्र के साथ कई विभागों के मामलों को लेकर भी चर्चा हुई. आपको बता दें कि काफी समय से कमलनाथ कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा चल रही है. हालांकि खबर ये भी है कि कुछ विवादित मंत्रियों को हटाया जा सकता है या फिर उनकी जिम्‍मेदारी कम की जा सकती है.


ये है लोधी का मामला

वर्ष 2014 में एक तहसीलदार से मारपीट के मसले पर भोपाल स्थित एमएलए की विशेष अदालत ने बीजेपी विधायक प्रह्लाद लोधी को 2 साल की सज़ा सुनाई थी. उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने उनकी सदस्यता खत्‍म करने का फैसला लिया. विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ लोधी जबलपुर हाईकोर्ट गए और कोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले यानी दो साल की सज़ा के फैसले पर 7 जनवरी 2020 तक स्टे लगा दिया. जबकि इस केस की अगली सुनवाई 7 जनवरी को ही है.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
प्रह्लाद लोधी की विधायकी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच गया है. एमपी सरकार ने एडवोकेट जनरल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है. इसमें प्रह्लाद लोधी की सज़ा पर हाईकोर्ट (High Court) का स्टे हटाने की अपील की गयी है. बीजेपी (BJP) ने भी प्रह्लाद लोधी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है.

आमने-सामने बीजेपी-कांग्रेस
प्रह्लाद लोधी के मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच अब भी सियासी घमासान जारी है. बीजेपी विधायक और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि प्रह्लाद लोधी अब भी विधायक हैं और कैविएट इसलिए दायर किया गया है कि कोर्ट में उनका भी पक्ष सुना जाए. दूसरी तरफ कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता की मानें तो बीजेपी को डरने की ज़रूरत नहीं है सुप्रीम कोर्ट जो फैसला करेगा उस पर आगे काम होगा.