भोपाल प्रदेश के 64वें स्थापना दिवस पर एक भोपाल के मिन्टो हॉल में 'राइट टू हेल्थ कॉन्क्लेव'' आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  कमल नाथ एक नवम्बर को सुबह 11 बजे कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री  तुलसीराम सिलावट शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता करेंगे। कॉन्क्लेव में विभिन्न सत्रों में स्वास्थ्य से जुड़े लगभग सभी मुद्दों पर विषय-विशेषज्ञ विचार-मंथन करेंगे।

शुभारंभ सत्र के बाद दोपहर 12.30 बजे से प्रथम सत्र में 'आध्यात्म एवं स्वास्थ्य'' विषय पर मती जया राव अपने विचार रखेंगी। इस सत्र में भौतिक स्वास्थ्य की सीमाओं से परे एक समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा पर चर्चा होगी, जिसमें व्यक्ति के स्वयं के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिये उसके अधिकार और दायित्वों पर विचार-विमर्श होगा। दोपहर 2 बजे से आयोजित दूसरे सत्र में स्वास्थ्य के अधिकार के लिये विधायी एवं नीति तंत्र विषय पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। तीसरे सत्र में दोपहर 3.15 बजे से 'समग्र अभिव्यक्ति और समग्र स्वास्थ्य'' विषय पर विचार-विमर्श होगा। चौथे एवं अंतिम सत्र में शाम 4.45 बजे से 'सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिये वैकल्पिक वित्तीय मॉडल'' विषय पर विचार-विमर्श होगा।

कॉन्क्लेव के पहले दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। कॉन्क्लेव मती हेलिना एन. कुर्ग, एडवाइजर यूएनएड्स, डॉ. इन्दु भूषण, सीईओ नेशनल हेल्थ एजेंसी, डॉ. वी.के. पॉल, एडवाइजर नीति आयोग, मती संगीता रेड्डी, सीएमडी अपोलो हॉस्पिटल, राज्यसभा सदस्य  विवेक तन्खा, लेखक एवं अर्थशास्त्री  हर्ष मंदर, रेमन मेग्सेसे अवार्डी  भारत वतवानी और कुलपति माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय  दीपक तिवारी शामिल होंगे।

'राइट टू हेल्थ' कॉन्क्लेव में नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट, इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एण्ड इंजीनियरिंग रिसर्च, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च ऑन इन्वायरनमेंटल हेल्थ के प्रतिनिधि सहभागिता कर रहे हैं। राज्य सरकार 'स्वास्थ्य का अधिकार'' कानून बनाकर नागरिकों के अधिकारों की एक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये कटिबद्ध है। इसे पूरा करने के लिये कॉन्क्लेव में व्यापक रूप से विचार-विमर्श कर उपयुक्त ड्रॉफ्ट तैयार किया जायेगा।