महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसकी सहयोगी शिवसेना आमने-सामने है. इस बीच बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि वो शिवसेना की मांगों पर चर्चा करने को तैयार है, लेकिन उनका कहना है कि बातचीत के लिए शिवसेना को ही आगे आना चाहिए.

साथ ही बीजेपी ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री का पद बीजेपी के पास ही रहेगा. देवेंद्र फडणवीस के करीबी और विश्वासपात्र गिरीश महाजन ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की और सरकार बनाने में देरी के लिए शिवसेना को जिम्मेदार ठहराया.

कोई लिखित आश्वासन नहीं

बता दें कि बीजेपी शिवसेना को कोई लिखित आश्वासन देने को तैयार नहीं है. गिरीश महाजन ने विकल्प खुले होने की बात करते हुए कहा कि दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा.

इस बीच गिरीश महाजन ने शिवसेना नेता संजय राउत द्वारा दिए गए बयानों पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि इतना सब कहे जाने के बाद भी हमने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में समाधान निकाल लिया जाएगा और सरकार बन जाएगी.

शिवसेना से कोई प्रस्ताव नहीं

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि उसे महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने के लिए शिवसेना की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.

बीजेपी महाराष्ट्र अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, "हमें अब तक सरकार के गठन पर शिवसेना से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. हम इंतजार कर रहे हैं और हमारे दरवाजे उनके लिए 24 घंटे खुले हैं. हम जल्द से जल्द 'महा-यति' की नई सरकार बनाएंगे."

उन्होंने दोहराया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में शिवसेना और अन्य सहयोगी दलों के साथ बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार ही शपथ लेगी.

पाटिल मंगलवार की दोपहर बीजेपी राज्य कोर कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे. यह बैठक फडणवीस की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कई मंत्रियों और अन्य शीर्ष नेताओं ने भाग लिया.