पंजाब में गैंगस्टरों और सियासी नेताओं के बीच संबंधों को लेकर कांग्रेस और अकाली दल के बीच छिड़ी जुबानी जंग ने एक नया मोड़ ले लिया। वो भी तब जब, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा गैंगस्टर बताए गए हरजिंदर सिंह बिट्टू ने मीडिया के सामने आकर दावा किया-वह गैंगस्टर नहीं और आज भी कांग्रेस का सदस्य हैं। बिट्टू ने कैप्टन के आरोप का खंडन करते हुए चेतावनी दी कि वह कैप्टन के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे।
सोमवार देर रात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा जारी किए गए फोटो और बयान में दावा किया गया था कि फोटो में अकाली नेताओं सुखबीर सिंह बादल, बिक्त्रस्म सिंह मजीठिया, प्रकाश सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल को सम्मानित करते हुए दिखाई दे रहा हरजिंदर सिंह बिट्टू गैंगस्टर है और उसके तलवंडी साबो के पूर्व अकाली विधायक जीत महिंदर सिंह सिद्धू के साथ करीबी रिश्ते हैं। कैप्टन की ओर से जारी की गई फोटो के कुछ ही समय बाद सोमवार रात अकाली दल की ओर से एक अन्य फोटो जारी की गई, जिसमें बिट्टू एक समारोह में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ दिखाई दे रहा है।

अकाली दल ने दावा किया कि बिट्टू अकाली वर्कर नहीं बल्कि कांग्रेस का सदस्य है। मंगलवार को बिट्टू ने मीडिया के सामने आकर कहा कि वह आज भी कांग्रेस का सदस्य है और वह कोई गैंगस्टर नहीं है। बिट्टू ने कहा-उसे गैंगस्टर बताकर प्रचारित किया जा रहा है जबकि उसके खिलाफ ज्यादातर केसों में वह अदालत द्वारा बरी किया जा चुका है। उसने दावा किया कि उसके खिलाफ ज्यादातर केस भी आम लड़ाई-झगड़े के रहे हैं।

बिट्टू ने कहा कि उसके नाम से साथ बिना वजह गैंगस्टर शब्द जोड़ दिया गया है, जिसके लिए वह जल्द ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेगा। उसने यह भी कहा कि जो कोई भी उसके नाम के साथ गैंगस्टर शब्द का इस्तेमाल करेगा, वह उसे अदालत में घसीटेगा। खुद को कांग्रेस का सदस्य बताते हुए बिट्टू ने चुनौती दी कि कांग्रेस साबित करे कि वह आज कांग्रेस का सदस्य नहीं है।

बिट्टू अब कांग्रेस का सदस्य नहीं: कांग्रेस
कांग्रेसी नेता खुशबाज सिंह जटाना ने कहा कि अकाली दल ने कैप्टन और बिट्टू का जो फोटो जारी किया है, वह उस समय का है जब 32 गांव के सरपंच कांग्रेस में शामिल हुए थे। उनमें बिट्टू भी एक था।

जटाना ने आगे कहा कि लेकिन आज बिट्टू का कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और न ही वह पार्टी का सदस्य है। जटाना ने कहा कि बिट्टू अकाली दल का सरपंच था, जिसे उन्होंने ही तलवंडी साबो में चुनाव कार्यक्रम में अन्य गांवों के सरपंचों के साथ कांग्रेस में शामिल कराया था।

उसकी पृष्ठभूमि पता चलने के बाद कांग्रेस ने बिट्टू से दूरी बना ली थी, जिसके बाद बिट्टू फिर से अकाली दल से जुड़ गया था। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि गैंगस्टर अकाली दल के कमाऊ पूत थे। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गैंगस्टर शब्द यूपी और बिहार में प्रचलित था, लेकिन अकाली दल के राज में भीम टांक कांड के साथ यह शब्द पंजाब में आया।

बिट्टू के बयान ने सब कुछ साफ कर दिया : मजीठिया
अकाली दल के सीनियर नेता बिक्त्रस्म सिंह मजीठिया ने मीडिया में आए बिट्टू के बयान पर कहा कि बिट्टू के बयान ने सब कुछ साफ कर दिया है कि उसका संबंध किस पार्टी से रहा है।